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Hindi News ›   Business ›   Statistics: Foreign investment of $ 44.43 billion came into the country during 2023-24

आंकड़े: देश में 2023-24 के दौरान आया 44.43 अरब डॉलर का विदेशी निवेश, नीदरलैंड और जापान से बढ़ा एफडीआई

Mon, 03 Jun 2024 06:08 AM IST
निर्मल कांत बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 03 Jun 2024 06:08 AM IST
सार

FDI: विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-मॉरीशस कर संधि में संशोधन के बाद सिंगापुर, भारत में निवेश के लिए पसंदीदा क्षेत्र के रूप में उभरा है। 2024-25 में भारत में एफडीआई में तेजी आएगी। 

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Statistics: Foreign investment of $ 44.43 billion came into the country during 2023-24
Investment - फोटो : Istock

विस्तार

दुनियाभर में आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच देश में 2023-24 के दौरान 44.43 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया। हालांकि, यह सालाना आधार पर 3.5 फीसदी कम है। इस दौरान भारत को सिंगापुर से सबसे ज्यादा 11.77 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मिला। इसके बावजूद यह 2022-23 की तुलना में  31.55 फीसदी कम है।

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आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 के दौरान सिंगापुर, मॉरीशस, अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), केमैन आइलैंड, जर्मनी और साइप्रस सहित प्रमुख देशों से एफडीआई इक्विटी निवेश में कमी आई। हालांकि, नीदरलैंड और जापान से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ा है। वित्त वर्ष 2018-19 से सिंगापुर, भारत के लिए एफडीआई का सबसे बड़ा स्रोत रहा है। 2017-18 में भारत ने मॉरीशस से सबसे ज्यादा एफडीआई आकर्षित किया था। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत-मॉरीशस कर संधि में संशोधन के बाद सिंगापुर, भारत में निवेश के लिए पसंदीदा क्षेत्र के रूप में उभरा है। 2024-25 में भारत में एफडीआई में तेजी आएगी। 
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डेलॉय इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा, हाल ही में रीट विनियमन 2014 में संशोधन जैसी भारत की पहल ने सिंगापुर स्थित निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। 
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मॉरीशस से निवेश घटकर 6.13 अरब डॉलर
आंकड़ों के मुताबिक, भारत में एफडीआई के मामले में मॉरीशस दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि, मॉरीशस से निवेश 7.97 अरब डॉलर से घटकर 2023-24 में 6.13 अरब डॉलर रह गया। अमेरिका 4.99 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर रहा। 2022-23 में उसने 6 अरब डॉलर का निवेश किया था। बीते वित्त वर्ष के दौरान भारत में नीदरलैंड से 4.93 अरब डॉलर, जापान से 3.17 अरब डॉलर, यूएई से 2.9 अरब डॉलर और ब्रिटेन से 1.2 अरब डॉलर का निवेश आया है। साइप्रस ने 80.6 करोड़ डॉलर और जर्मनी ने 50.5 करोड़ डॉलर का निवेश किया।


आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 के दौरान देश में कुल 70.95 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया। यह वित्त वर्ष 2022-23 के 71.35 अरब डॉलर की तुलना में एक फीसदी कम है। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान देश में कुल 84.83 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया था, जो अब तक का सर्वाधिक है।

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