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Skyroot: स्पेसटेक कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने टेमासेक से हासिल की 27.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग, ये है प्लान
Mon, 30 Oct 2023 04:43 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 30 Oct 2023 04:43 PM IST
सार
Skyroot Aerospace : ताजा निवेश से कंपनी द्वारा जुटाई गई कुल फंडिंग बढ़कर 95 मिलियन डॉलर हो गई है। अंतरिक्ष वैज्ञानिक पवन कुमार चांदना और नागा भरत ढाका द्वारा 2018 में स्थापित हैदराबाद मुख्यालय वाला स्टार्टअप, छोटे और मध्यम आकार के अंतरिक्ष प्रक्षेपण वाहनों का डिजाइन और निर्माण करता है।
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स्काईरूट एयरोस्पेस
- फोटो : Social Media
विस्तार
स्पेसटेक कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने सोमवार को बताया कि उसने सिंगापुर सरकार के स्वामित्व वाली वैश्विक निवेश कंपनी टेमासेक के नेतृत्व में प्री-सीरीज सी फंडिंग राउंड में 27.5 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। स्टार्टअप ने अपने बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी के निर्माण, प्रतिभा को आकर्षित करने और अपनी लॉन्चिग और क्षमताओं को बढ़ाने में नई अधिग्रहित पूंजी का उपयोग करने की योजना बनाई है।
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ताजा निवेश से कंपनी द्वारा जुटाई गई कुल फंडिंग बढ़कर 95 मिलियन डॉलर हो गई है। अंतरिक्ष वैज्ञानिक पवन कुमार चांदना और नागा भरत ढाका द्वारा 2018 में स्थापित हैदराबाद मुख्यालय वाला स्टार्टअप, छोटे और मध्यम आकार के अंतरिक्ष प्रक्षेपण वाहनों का डिजाइन और निर्माण करता है। नवंबर 2022 में, इसने एक निजी तौर पर विकसित रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह भारत और दक्षिण एशिया का पहला ऐसा प्रक्षेपण था।
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कंपनी वैश्विक छोटे और मध्यम आकार के उपग्रह बाजार को अपनी सेवाएं प्रदान करती है, विशेष रूप से उपग्रह ऑपरेटरों को जो कक्षाओं में एकल या अन्य उपग्रहों के नक्षत्रों को तैनात करना चाहते हैं। स्काईरूट के सह-संस्थापक और सीईओ चंदना ने कहा, "जैसा कि हम अगले साल की शुरुआत में अपने दूसरे मिशन के लॉन्च की तैयारी कर रहे हैं, यह नया वित्त पोषण हमें अगले दो वर्षों में नियोजित अपने आगामी लॉन्च में तेजी लाने में सक्षम करेगा। 24 अक्टूबर को, स्काईरूट एयरोस्पेस ने विक्रम-1 का अनावरण किया, यह एक छोटा लॉन्च वाहन है जिसे छोटे उपग्रहों को कक्षा में ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें कक्षा में लगभग 300 किलोग्राम पेलोड रखने की क्षमता है।
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