Google: भारतीय स्टार्टअप अधिकारी बोले- अमेजन-ऊबर को मुफ्त सेवा, हमसे शुल्क ले रहा गूगल
शादी डॉटकॉम संस्थापक व सीईओ अनुपम मित्तल ने कहा-हम चाहते हैं कि डवलपर्स की पेमेंट गेटवे का विकल्प चुनने की स्वतंत्रता बनी रहे। इसके लिए क्या शुल्क देना है, यह खुले बाजार को तय करने देना चाहिए।
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गूगल के बयान के बाद भारतीय स्टार्टअप के प्रमुख अधिकारियों व संस्थापकों ने कहा कि यह अंतरिम समझौता है, लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। साथ ही बताया गूगल भारतीय कंपनियों के लिए अपनी नीति चुनिंदा ढंग से लागू कर रहा है। जो सेवाएं वह अमेजन और ऊबर जैसी वैश्विक कंपनियों से मुफ्त दे रहा है, उनके लिए भारतीय स्टार्टअप से शुल्क वसूल रहा है। स्टार्टअप ने बताया कि दोनों पक्ष जब विवाद का समाधान निकालने के लिए अगले 4 महीने साथ बैठक कर वार्ता कर रहे होंगे, तब भी गूगल 11 से 26 प्रतिशत तक सेवा शुल्क वसूलता रहेगा।
भारत में गूगल अपनी नीति चुनिंदा ढंग से लागू कर रहा: अनुपम
शादी डॉटकॉम संस्थापक व सीईओ अनुपम मित्तल ने कहा-हम चाहते हैं कि डवलपर्स की पेमेंट गेटवे का विकल्प चुनने की स्वतंत्रता बनी रहे। इसके लिए क्या शुल्क देना है, यह खुले बाजार को तय करने देना चाहिए।
बड़ी टेक कंपनियों के भेदभाव से स्टार्टअप को बचाना होगा: स्नेहिल खानोर
ट्रूली मैडली के सह संस्थापक व सीईओ स्नेहिल खानोर ने कहा- हमने सरकार से अपील की है कि एक कानूनी ढांचा बने, जो किसी वैश्विक और भीमकाय टेक कंपनी की एकतरफा व भेदभावपूर्ण नीतियों से भारतीय स्टार्टअप और इनोवेटर्स को सुरक्षा दे।
समझौता अस्थायी समाधान, हमारे लिए यह लंबी लड़ाई: लालचंद बिसू
कुकू एफएम के सह संस्थापक व सीईओ लालचंद बिसू बोले-यह समझौता थोड़े समय के लिए निकला समाधान है। हम जानते हैं कि गूगल इसका भी कोई न कोई शातिराना तोड़ फिर से निकाल ही लेगा। हमारे लिए यह लंबी लड़ाई है।
गूगल की वसूली बड़ा बोझ : मुरुगवेल
भारत मैट्रीमनी के सीईओ मुरुगवेल जानकीरमण ने कहा-पेमेंट गेटवे पर 1 से 2 प्रतिशत शुल्क लिया जाता है, लेकिन गूगल जो शुल्क वसूल रहा है, वह डिजिटल स्टार्टअप्स के लिए बहुत बड़ा बोझ है।
समझौता न्यायोचित नहीं: विनय सिंघल
स्टेज के सह संस्थापक व सीईओ विनय सिंघल ने कहा-इस समय हुआ अंतरिम समझौता न्यायोचित नहीं है। लेकिन कुछ समय के लिए इसे स्वीकारा जा सकता है। तब तक हम लंबे समय के लिए समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।