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Unicorn: पीयूष गोयल से मिले भारत के 54 यूनिकॉर्न, स्टार्टअप क्लब ऑफ इंडिया के गठन की योजना पर चर्चा

Thu, 18 Jan 2024 04:43 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 18 Jan 2024 04:43 AM IST
सार

पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने बताया कि बैठक में चर्चा की गई और स्टार्टअप क्लब ऑफ इंडिया स्थापित करने की योजना बनाई है। क्लब देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बेहतर बनाने के लिए सरकार सहित अन्य प्लेटफार्मों पर संयुक्त रूप से विभिन्न मुद्दों को उठा सकता है।

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54 Unicorns met Piyush Goyal discussed the plan to form Startup Club of India
यूनिकॉर्न के साथ पीयूष गोयल की मुलाकात। - फोटो : Social Media

विस्तार

भारत के 54 यूनिकॉर्न में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। इस दौरान स्टार्टअप परिस्थितिकी तंत्र के विकास, स्टार्टअप के पोषण और विस्तार में घरेलू पूंजी की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप परिदृश्य में भारत की स्थिति पर चर्चा की गई। मंत्री और यूनिकॉर्न के बीच हुई बैठक करीब चार घंटे चली। बता दें, देश में फिलहाल 111 यूनिकॉर्न हैं। 

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स्टार्टअप क्लब बनाने की योजना
पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने बताया कि बैठक में चर्चा की गई और स्टार्टअप क्लब ऑफ इंडिया स्थापित करने की योजना बनाई है। क्लब देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बेहतर बनाने के लिए सरकार सहित अन्य प्लेटफार्मों पर संयुक्त रूप से विभिन्न मुद्दों को उठा सकता है। यह बेहतर प्रयास है। वहीं, ईजी माय ट्रिप के सह संस्थापक रिकांत पिट्टी, ड्रूम के संस्थापक संदीप अग्रवाल, जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल, बोट के संस्थापक अमन गुप्ता के साथ-साथ फ्लिपकार्ट, स्विगी, ओयो, फोनपे और जिरोधा जैसे तमाम सफल यूनिकॉर्न बैठक में शामिल हुए थे। 

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कंपनी कानून के मामलों को सुचारू करें
पिट्टी ने बैठक बाद कहा कि ऐसी मैराथन बैठकें कभी-कभार होती हैं और यह होनी चाहिए। हमने घरेलू पूंजी बनाम अंतरराष्ट्रीय पूंजी और देश में स्टार्टअप तंत्रों को कैसे मजबूत किया जाए सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। हमने सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। वहीं, संदीप ने कहा कि हमने अनुरोध किया है कि मंत्री स्टार्टअप से संबंधित कंपनी कानून के मामलों को सुचारू करें। इसके अलावा, पूजी के विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उनका कहना है कि स्टार्टअप ने केवल तकनीक का विकास कर रहे हैं बल्कि, बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा कर रहे हैं। इससे देश के आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। 

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2025 तक यूनिकॉर्न की संख्या होगी 150 से ज्यादा
यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या में भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में तीसरे स्थान पर है। भारत में यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या इस समय 100 से ज्यादा है। साथ ही इनमें वृद्धि हो रही है। जब भी किसी स्टार्टअप का वैल्यूएशन एक अरब डॉलर (करीब 8,300 करोड़ रुपये) से ज्यादा हो जाता है तो उसे यूनिकॉर्न स्टार्टअप कहा जाता है। उम्मीद जताई गई है कि 2025 तक भारत में यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या 150 से ज्यादा होगी।  

भारतीय स्टार्टअप की कुल पूंजी 150 अरब डॉलर
2030 तक भारतीय स्टार्टअप्स की कुल पूंजी  300 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। वतर्मान में यह करीब 150 अरब डॉलर है।

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