ममता के न्योते के बाद टाटा ने मांगा 154 करोड़ का मुआवजा
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टाटा समूह ने राज्य सरकार से सिंगुर की जमीन के लिए 154 करोड़ का मुआवजा मांगा है। टाटा ने यह रकम पूर्व वाममोर्चा सरकार से उक्त जमीन खरीदने पर खर्च की थी। अभी एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टाटा को राज्य में ऑटोमोबाइल संयंत्र लगाने का न्योता दिया था। वैसे, राज्य सरकार इसे सही दिशा में एक सकारात्मक कदम मान रही है। सरकारी सूत्रों ने यहां इसकी जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि कंपनी इसके एवज में वह रकम माफ करने के लिए तैयार है जो उसने यहां से अपने नैनो संयंत्र को गुजरात ले जाने पर खर्च की थी। मालूम हो कि टाटा समूह ने अपनी परियोजना के लिए वर्ष 2006 में तत्कालीन बुद्धदेव भट्टाचार्य सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। सरकार ने हुगली जिले के सिंगुर में लगभग एक हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे टाटा को सौंपा था।
कई दूसरी सहूलियतें देने की पेशकश
लेकिन ममता बनर्जी ने अनिच्छुक किसानों की चार सौ एकड़ जमीन लौटाने की मांग में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू कर दिया था। बाद में वर्ष 2008 में टाटा को अपनी परियोजना समेटने पर मजबूर होना पड़ा था।
अब बीते महीने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद किसानों की जमीन लौटाने के मौके पर ममता ने टाटा को ऑटोमोबाइल परियोजना के लिए मेदिनीपुर जिले के ग्वालतोड़ में एक हजार एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने फिलहाल मुआवजे की टाटा समूह की मांग पर कोई फैसला नहीं किया है। लेकिन सरकार नकदी देने की बजाय उसे कई दूसरी सहूलियतें देने की पेशकश कर सकती है।