{"_id":"5f52fb3e8a5cdd27883a928a","slug":"sebi-ordered-to-seize-the-accounts-of-mehul-choksi","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेबी ने दिए मेहुल चौकसी के खाते जब्त करने का आदेश","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
सेबी ने दिए मेहुल चौकसी के खाते जब्त करने का आदेश
Sat, 05 Sep 2020 08:13 AM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 05 Sep 2020 08:13 AM IST
विज्ञापन
mehul choksi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को भगोड़े उद्योगपति मेहुल चौकसी के सभी बैंक व डीमैट खाते जब्त करने का आदेश दिया। साथ ही गीतांजलि जेम्स कंपनी और उसके कार्यकारी निदेशक धनेश सेठ के बैंक खाते भी अटैच करने के लिए कहा गया है। चौकसी ही गीतांजलि जेम्स का प्रबंध निदेशक और प्रमोटर है। सेबी ने यह कार्रवाई 5 करोड़ रुपये से ज्यादा के बकाये जुर्माने की रिकवरी के लिए किया है, जिसे चुकाने में चौकसी और गीतांजलि जेम्स विफल रहे हैं।
विज्ञापन
मेहुल चौकसी एक अन्य भगोड़े उद्योगपति नीरव मोदी का मामा है, जो फिलहाल ब्रिटिश जेल में बंद है और भारत प्रत्यर्पित किए जाने के मुकदमे का सामना कर रहा है। नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक के साथ 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज घोटाला करने के बाद ब्रिटेन फरार हो गया था।
विज्ञापन
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इस साल फरवरी में चौकसी, उसकी कंपनी और धनेश पर विभिन्न मानकों के उल्लंघन के लिए 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इनमें कंपनी को सूचीबद्ध कराने का नियम भी शामिल है। फिलहाल यह जुर्माना बढ़कर 5.27 करोड़ रुपये हो चुका है, जिसमें 27 लाख रुपये जुर्माने के ऊपर लगाया गया ब्याज है। साथ ही जुर्माना वसूलने के शुल्क के तौर पर एक हजार रुपये की अतिरिक्त रकम भी मांगी गई है।
विज्ञापन
सेबी की तरफ से शुक्रवार को जारी अटैचमेंट नोटिस में नियामक संस्था ने सभी बैंकों और डिपॉजिटॉरीज को चौकसी, गीतांजलि जेम्स और धनेश के बैंक खातों से अगले आदेश तक पैसा निकालने पर रोक लगाने को कहा है। हालांकि उन्हें खाताें में पैसा जमा कराने की अनुमति दी गई है।
साथ ही उनके बैंक लॉकर और डीमैट खाते भी अटैच करने का निर्देश दिया गया है। सेबी ने कहा है कि यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि डिफॉल्टर्स ने अपना पैसा बैंक खातों में और प्रतिभूतियों के तौर पर डीमैट खातों में ठिकाने लगाया हो।