{"_id":"5d90aeca8ebc3e0157422552","slug":"saudi-arabia-is-considering-investing-100-billion-dollars-in-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत में 100 अरब डॉलर निवेश करने पर विचार कर रहा है सऊदी अरब","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
भारत में 100 अरब डॉलर निवेश करने पर विचार कर रहा है सऊदी अरब
Sun, 29 Sep 2019 07:27 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 29 Sep 2019 07:27 PM IST
विज्ञापन
मोहम्मद बिन सलमान, नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
सऊदी अरब भारत की आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए देश में पेट्रो रसायन, बुनियादी संरचना और खनन समेत अन्य क्षेत्रों में 100 अरब डॉलर निवेश करने की संभावनाएं देख रहा है। सऊदी अरब के राजदूत डॉ सऊद बिन मोहम्मद अल साती ने कहा कि भारत एक आकर्षक निवेश गंतव्य है और सऊदी अरब तेल, गैस व खनन जैसे मुख्य क्षेत्रों में दीर्घकालिक भागीदारी पर गौर कर रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, ‘सऊदी अरब ईंधन, परिशोधन, पेट्रो रसायन, बुनियादी संरचना, कृषि, खनिज और खनन जैसे क्षेत्रों में 100 अरब डॉलर निवेश करने के अवसरों पर गौर कर रहा है।’ उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको की भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ प्रस्तावित भागीदारी से दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंधों की रणनीतिक प्रकृति का पता चलता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भारत के तेल आपूर्ति, खुदरा ईंधन बिक्री, पेट्रोरसायन और लुब्रिकैंट बाजार में अरामको की निवेश की योजना इन क्षत्रों में कंपनी के वैश्विक विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। अल साती ने कहा कि सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 से भी दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार व कारेाबार में उल्लेखनीय विस्तार होगा।
विज्ञापन
सऊदी अरब विजन 2030 के तहत पेट्रोलियम उत्पादों पर आर्थिक निर्भरता कम करने का प्रयास कर रहा है। भारत सऊदी अरब से अपनी जरूरत का 17 प्रतिशत कच्चा तेल तथा 32 प्रतिशत एलपीजी खरीदता है। राजदूत ने कहा कि 2019 में दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त भागीदारी तथा निवेश के 40 से अधिक अवसरों की पहचान की गई है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 34 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होता है और इस बात में कोई शक नहीं कि इसमें वृद्धि ही देखने को मिलेगी। अरामको के आईपीओ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह कंपनी को विस्तृत दुनिया के संपर्क में लाएगा।