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जीएसटी घटाने से तेज होगी छह लाख घरों की बिक्री 

Mon, 25 Feb 2019 06:17 AM IST
Avdhesh Kumar एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Mon, 25 Feb 2019 06:17 AM IST
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Sales of six lakh homes will be faster than reducing GST
जीएसटी
जीएसटी परिषद की 33वीं बैठक में रियल एस्टेट क्षेत्र को बड़े तोहफे की घोषणा को विशेषज्ञों ने क्रांतिकारी कदम बताया है। उनका कहना है कि निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी की दर 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किए जाने और किफायती मकानों पर 8 से घटाकर 1 फीसदी करने से लाखों तैयार मकानों की बिक्री में तेजी आएगी।
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रियल एस्टेट क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि नकदी संकट से जूझ रहे इस उद्योग को जीएसटी परिषद ने संजीवनी देने का काम किया है। दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई शहरों में गैर बिके करीब 6 लाख मकानों की बिक्री में अब तेजी आने की संभावना है। यह उद्योग लंबे समय से निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी घटाए जाने की मांग कर रहा था, जिसे परिषद ने स्वीकार कर लिया है। 
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क्रेडाई के अध्यक्ष जक्क्षय शाह ने कहा कि किफायती मकानों पर जीएसटी 1 फीसदी किया जाना बहुत बड़ा कदम है। इससे मध्य वर्ग के घर का सपना पूरा होने की उम्मीद और बढ़ गई है। नरेडको के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी का कहना है कि इस कदम से कारोबार सुगमता का दायरा भी बढ़ेगा और घर खरीदारों को बड़ी राहत मिलने के साथ उनके धारणा में भी बदलाव आएगा जिसका लाभ उद्योग को मिलेगा। इतना ही नहीं यह कदम किफायती घर उपलब्ध कराने की योजना को भी काफी तेजी देगा।
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इस साल दिखेगा उछाल

प्रॉपर्टी सलाहकार फर्म एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि यह फैसला वर्ष 2019 में रियल एस्टेट उद्योग में बड़ा परिवर्तन लाएगा और प्रॉपर्टी बिक्री में उछाल दिखेगा। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने की संभावना जगी है और आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त राशि मिलेगी। 

किफायती घर की नई परिभाषा

मेट्रो सिटी यानी दिल्ली, चेन्नई, बंगलुरू, एनसीआर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम), हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई में किफायती घरों के लिए कारपेट एरिया 60 वर्ग मीटर (645 वर्ग फीट) तय किया गया है, जिसकी अधिकतम कीमत 45 लाख रुपये होगी। इसके अलावा 90 वर्ग मीटर (968 वर्ग फीट) और 45 लाख रुपये तक की कीमतें तय की गई हैं।

ट्रांजिशन के लिए तय होंगे नियम

वित्त मंत्री ने कहा कि जो मौजूदा मकान बन रहे हैं, उनका नए जीएसटी में ट्रांजिशन करने के लिए नियम और गाइडलाइंस बनानी होंगी। इसके लिए परिषद के साथ मीटिंग कर फिटमेंट और लॉ कमेटी 10 मार्च तक गाइडलाइंस तय करेगी। 

सीमेंट और लॉटरी पर निराशा

परिषद ने सीमेंट पर जीएसटी की दर 28 फीसदी से नीचे लाने के फैसले को फिलहाल टाल दिया है। रियल एस्टेट विश्लेषकों का मानना है कि इससे निर्माणाधीन मकानों के बिल्डर को समस्या आएगी, क्योंकि अब इनपुट टैक्स क्रेडिट भी खत्म कर दिया गया है। इसी तरह, लॉटरी पर जीएसटी दर घटाने पर भी फैसला नहीं किया जा सका। मंत्रियों का समूह इस पर बाद में बैठक करेगा।


रियल एस्टेट में जीएसटी पर राज्यों और केंद्र की इनपुट क्रेडिट लगभग मैच करती थी। बड़ी संख्या में लाखों अपार्टमेंट्स नहीं बिके हैं, जिससे यह तय हुआ कि मकानों पर दो जीएसटी दरें रहेंगी और दोनों बगैर इनपुट टैक्स क्रेडिट वाली, जिसका लाभ घर खरीदारों को होगा।
-अरुण जेटली, वित्त मंत्री

 
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