काम की बात: पहले जोखिम का आकलन करें उसके बाद लगाएं आईपीओ में पैसे
- बीते दिनों आई कई आईपीओ की शुरुआती लक्ष्य से कई गुना ज्यादा मांग रही। जिससे निवेशक काफी आकर्षित हुए। हालांकि ज्यादातर आईपीओ फेल हुए हैं। इसलिए सोच समझकर निवेश करें। मौजूदा स्थितियों में आईपीओ का चुनाव कैसे करें, पेश है प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट-
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शेयर बाजार में निवेशकों के उत्साह को देखते हुए दर्जनों कंपनियां आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) ला रही हैं।
बीते दिनों आई कई आईपीओ की शुरुआती लक्ष्य से कई गुना ज्यादा मांग रही। जिससे निवेशक काफी आकर्षित हुए। हालांकि ज्यादातर आईपीओ फेल हुए हैं। इसलिए सोच समझकर निवेश करें। मौजूदा स्थितियों में आईपीओ का चुनाव कैसे करें, पेश है प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट-
भरोसेमंद हो कंपनी का नाम व काम
ट्रांन्सेट कैपिटल के निवेश सलाहकार कार्तिक जावेरी बताते हैं कि बाजार में जब उछाल और स्थिरता का माहौल रहता है तो आईपीओ की बाढ़ सी आ जाती है। भारतीय पूंजी बाजार भी महामारी के बाद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है और निवेश का माहौल अभी बना हुआ है। यही कारण है कि बाजार में एक के बाद एक आईपीओ आ रहे हैं।
90 प्रतिशत आईपीओ फेल हो चुके हैं शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद
आईपीओ खरीदने से पहले निवेशक को यह देखना चाहिए कि कंपनी किस क्षेत्र से जुड़ी हुई है और उसके काम को लेकर किस तरह का माहौल है। पिछले दिनों आए अधिकतर आईपीओ ओवरसब्सक्राइब हुए, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप आंख बंदकर पैसे लगा दें। क्योंकि अभी तक आए 90 प्रतिशत आईपीओ फेल हो गए हैं।
80 हजार करोड़ के आईपीओ आएंगे
2021 में अब तक 22 आईपीओ बाजार में आ चुके हैं, जिनसे 27,426 करोड़ रुपये जुटाए गए। अगले कुछ दिनों में करीब 40 कंपनियों बाजार से 80 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। अब तक 55 हजार करोड़ रुपये के लिए 30 कंपनियों ने आवेदन दिए हैं।
इन तरीकों से करें बेहतर कंपनी का चुनाव
- मौजूदा परिस्थितियों में फार्मा और इंफ्रा कंपनियों के आईपीओ में पैसे लगा सकते हैं। सरकारी और निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां भी लंबी अवधि में मुनाफा देती हैं।
- अगर कंपनी का मकसद सिर्फ बैलेंस शीट सुधारना और कर्ज उतारना है तो उससे दूरी बनाना ही ठीक है। नए बाजार में एंट्री या विस्तार के मकसद से पैसे जुटाए जा रहे हैं, तो आप भरोसा बनाए रख सकते हैं।
- आईपीओ से पहले कंपनियों के सभी आंकड़े डीआरएचपी या ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस में होते हैं। आपको पूरी तरह अनुसंधान करना चाहिए और कंपनी, उसके प्रमोटरों, उनके आपराधिक रिकॉर्ड (यदि कोई हो), वित्तपोषण, प्रतियोगियों, मीडिया कवरेज और इसकी औद्योगिक गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटानी चाहिए।
- सार्वजनिक होने वाली कोई भी कंपनी योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईडी) के लिए विशेष पेशकश करती है। क्यूआईबी की भागीदारी को स्टॉक के भविष्य के प्रदर्शन का बैरोमीटर माना जाता है।
- ऐतिहासिक प्रदर्शन जैसे फैक्टर के साथ ही कंपनी अपने फंड का उपयोग कैसे करेगी। इस पर विशेष ध्यान दें यदि यह अपने इच्छित उद्देश्य के रूप में आरएंडडी या व्यावसायिक विस्तार का दावा करता है, तो यह एक अच्छा संकेत है।
समझिए फंडा: सब को नहीं मिलता मुनाफा
कोई कंपनी 100 रुपये के भाव पर 1000 शेयर बाजार में उतारती है और सब्सक्रिप्शन 10,0000 शेयर के लिए हुआ लेकिन आवंटित 1,000 शेयर ही होंगे। आपने 500 शेयर सब्सक्राइब किए हैं और मिले सिर्फ पांच शेयर। अब यदि आईपीओ 100 रुपये के आधार मूल्य से 20 प्रतिशत ज्यादा कीमत पर सूचीबद्ध हुआ तो आपको 500 रुपये लगाकर 600 रुपये मिलेंगे। यानी मुनाफा सिर्फ 100 रुपये हुआ।
एफडी से ज्यादा रिटर्न तो आईपीओ में बने रहें
आईपीओ खरीदने से पहले पूरा शोध करें। खरीदने के बाद कंपनी की कमजोर वित्तीय स्थिति का पता चले, तो शेयर बेचकर बाहर निकल जाएं। हालांकि, एफडी से ज्यादा रिटर्न मिल रहा हो, तो उस आईपीओ में बने रहें। -ज्योति रॉय, एंजेल ब्रोकिंग
नजदीकी डाकघर में भी भर सकेंगे आयकर रिटर्न
करदाता अब निकटतम डाकघरों के सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) पर जाकर अपना आयकर रिटर्न (आइटीआर) भर सकते हैं। इंडिया पोस्ट ने हाल ही में अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए इसकी घोषणा की है।
दरअसल, अधिकांश करदाता नई आयकर वेबसाइट www.incometax.gov.in के जरिए ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करते हैं। ऑफलाइन रिटर्न भरने वाले करदाता डाकघर के (सीएससी) का उपयोग कर सकते हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने रिटर्न जमा कराने के तारीख को 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर, 2021 कर दिया है।