नोटबंदी के बाद 500-1000 के 99 फीसदी नोट बैंक में वापस, चिदंबरम बोले-शर्म करे RBI
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Only 1.3% of Rs 1,000 notes in circulation were not deposited post #DeMonetisation, says RBI in Annual Report.
— ANI (@ANI) August 30, 2017विज्ञापन
आरबीआई ने यह भी बताया कि इस दौरान कुल 99 फीसदी नोट वापस आए जिनकी वैल्यू 15.44 लाख करोड़ है। जिसका मतलब साफ है कि नोटबंदी के बाद सिस्टम का लगभग सारा पैसा बैंकों में वापस आ गया। वहीं नोटबंदी के बाद नए नोटों की छपाई पर हुए खर्च के बारे में बताया कि इन्हें छापने में अब तक सरकार के 7,965 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।
The estimated value of Specified Bank Notes (SBNs) received as on June 30, 2017 is Rs. 15.28 trillion: Reserve Bank of India #DeMonetisation
— ANI (@ANI) August 30, 2017
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 8 नवंबर को 500 व 1,000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने का निर्णय लिया था। जिसके संदर्भ में आरबीआई ने कहा कि नोटबंदी की प्रक्रिया बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण थी।
पढ़ें- सितंबर से मार्केट में आएगा 200 रुपये का नोट, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
बता दें कि नोटबंदी के बाद से ही सरकार पर इन आंकड़ों के खुलासे को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। जिसपर आरबीआई की तरफ से कई बार बयान भी जारी कर कहा गया था कि इन आंकड़ों के बारे में कोई जानकारी नहीं, लेकिन आखिरकार आज बैंक ने यह आंकड़े जारी कर दिए।
नोटबंदी की सलाह देने वाले RBI को शर्म आनी चाहिए : चिदंबरम
आरबीआई की ओर बैंकिंग सिस्टम में 99 फीसदी पुराने नोटों के वापस आ जाने के खुलासे के बाद विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर हो गया है। यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रह चुके पी. चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई 16000 करोड़ रुपये हासिल किए लेकिन नए नोट छाप कर 21000 करोड़ रुपये गंवा दिए।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि नोटबंदी की सलाह देने वाले अर्थशास्त्रियों को नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। चलन से बाहर किए गए 15,44, 000 करोड़ रुपये से सिर्फ 16000 करोड़ रुपये वापस नहीं लौटे। यह चलन में मौजूद नोटों का एक फीसदी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि नोटबंदी की सलाह देने वाले आरबीआई को शर्म आनी चाहिए।