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भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर उर्जित पटेल संसदीय पैनल के सामने हुए पेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 27 Nov 2018 04:01 PM IST
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उर्जित पटेल
- फोटो : getty
आरबीआई (RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल मंगलवार को संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। इस बैठक में उन्होंने काफी सवालों के जवाब दिए। उन्होंने अन्य मुद्दों के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का प्रदर्शन और एनपीए की स्थिति पर भी संक्षेप में चर्चा की। बता दें कि पटेल पहले 12 नवंबर को पैनल के सामने पेश होने वाले थे।
इस दौरान पटेल से केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक के बीच चल रहे मतभेद पर भी सवाल किए गए। बता दें कि इससे पहले बैंक बोर्ड की कई घंटे तक बैठक चली थी। जिसमें कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई थी। बैठक में आरबीआई और सरकार में भी कई मुद्दों पर सहमति बनी थी। जबकि कई ऐसे मुद्दे भी थी जिनमें सहमति नहीं बन पाई थी।
रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल मंगलवार को संसद की एक समिति के समक्ष पेश हुए और नोटबंदी तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में फंसे कर्ज (एनपीए) की स्थिति समेत अन्य मामलों के बारे में जानकारी दी। पटेल को 12 नवंबर को समिति के समक्ष उपस्थित होना था।
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सूत्रों ने कहा कि वित्त पर संसद की स्थायी समिति के एजेंडे में नवंबर 2016 में पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट को चलन से हटाने, आरबीआई में सुधार, बैंकों में दबाव वाली परिसंपत्तियों तथा अर्थव्यवस्था की स्थिति सूचीबद्ध है।
RBI गवर्नर समिति के समक्ष ऐसे समय पेश हो रहे हैं जब केंद्रीय बैंक तथा वित्त मंत्रालय के बीच कुछ मुद्दों को लेकर गहरा मतभेद है। इन मुद्दों में आरबीआई के पास पड़े आरक्षित कोष का उचित आकार क्या हो तथा लघु एवं मझोले उद्यमों के लिये कर्ज के नियमों में ढील के मामले शामिल हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री एम वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय समिति के सदस्य हैं।
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इस दौरान पटेल से केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक के बीच चल रहे मतभेद पर भी सवाल किए गए। बता दें कि इससे पहले बैंक बोर्ड की कई घंटे तक बैठक चली थी। जिसमें कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई थी। बैठक में आरबीआई और सरकार में भी कई मुद्दों पर सहमति बनी थी। जबकि कई ऐसे मुद्दे भी थी जिनमें सहमति नहीं बन पाई थी।
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रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल मंगलवार को संसद की एक समिति के समक्ष पेश हुए और नोटबंदी तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में फंसे कर्ज (एनपीए) की स्थिति समेत अन्य मामलों के बारे में जानकारी दी। पटेल को 12 नवंबर को समिति के समक्ष उपस्थित होना था।
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सूत्रों ने कहा कि वित्त पर संसद की स्थायी समिति के एजेंडे में नवंबर 2016 में पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट को चलन से हटाने, आरबीआई में सुधार, बैंकों में दबाव वाली परिसंपत्तियों तथा अर्थव्यवस्था की स्थिति सूचीबद्ध है।
RBI गवर्नर समिति के समक्ष ऐसे समय पेश हो रहे हैं जब केंद्रीय बैंक तथा वित्त मंत्रालय के बीच कुछ मुद्दों को लेकर गहरा मतभेद है। इन मुद्दों में आरबीआई के पास पड़े आरक्षित कोष का उचित आकार क्या हो तथा लघु एवं मझोले उद्यमों के लिये कर्ज के नियमों में ढील के मामले शामिल हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री एम वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली 31 सदस्यीय समिति के सदस्य हैं।