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RBI ने बदले एनपीए नियम, एमएसएमई को मिलेगी राहत
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 07 Jun 2018 02:56 PM IST
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के एनपीए के नियमों में बदलाव करते हुए इन्हें आसान बनाने का प्रयास किया है। इससे एमएसएमई की उन इकाइयों को राहत मिलेगी जो वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत इनपुट क्रेडिट लिंकेज तथा इससे जुड़ी दिक्कतों का सामना कर रही हैं।
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केंद्रीय वित्तीय सेवाओं के सचिव राजीव कुमार ने कहा कि एमएसएमई को जारी समर्थन व राहत के तहत 31 दिसंबर, 2018 तक के बकाये के लिए जीएसटी तथा गैर-जीएसटी एमएसएमई के लिए एनपीए की पहचान की समयसीमा अब 180 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब एक सितंबर, 2017 से 31 दिसंबर, 2018 के बीच बकाया वाली सभी एमएसएमई पर 180 दिनों का एनपीए नियम लागू होगा।
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लेकिन इसका लाभ उसी एमएसएमई को होगा, जिसका खाता 31 अगस्त, 2017 को मानक स्थिति में था। उन्होंने कहा कि यह बदलाव पंजीकृत के साथ-साथ गैर-पंजीकृत एमएसएमई दोनों के लिए लागू होगा।बता दें कि फरवरी में बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थानों को जीएसटी में पंजीकृत एमएसएमई के लिए अस्थायी तौर पर अपने निवेश को वर्गीकृत करते हएु 180 दिन के पुराने एनपीए मानक पर 25 करोड़ रुपये तक की क्रेडिट सुविधा देने की छूट दी गई थी। राजीव कुमार का कहना है कि अब 180 दिन की ये राहत गैरपंजीकृत एमएसएमई को भी मिलेगी।
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अगले साल से फिर पुरानी स्थिति
एनपीए के पहचान की समयसीमा 180 दिन होने का नियम 1 जनवरी, 2019 से फिर पुरानी स्थिति में आ जाएगा। ऐसे में जीएसटी के तहत पंजीकृत एमएसएमई के लिए 180 दिन की समयसीमा को एक चरणबद्ध तरीके से 90 दिन पर लाया जाएगा, लेकिन गैर पंजीकृत एमएसएमई के लिए ये 1 जनवरी से ही 90 दिन हो जाएगा।
राज्यों के कृषि ऋण छूट देने से एनपीए नहीं हुआ प्रभावित : उर्जित पटेल
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने बुधवार को कहा कि विभिन्न राज्यों के कृषि ऋण छूट दिए जाने का बैंकों के एनपीए पर कोई प्रभाव नजर नहीं आया है। उन्होंने कहा, राज्य सरकारों ने कृषि ऋण छूट अपने बजट के जरिए दी हैं, इसलिए बैंकों के एनपीए पर इसका सीधे कोई प्रभाव नहीं है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश ने पिछले साल 36359 करोड़ रुपये की ऋण छूट किसानों को दी थी। बाद में पंजाब व महाराष्ट्र ने भी इसका अनुसरण किया था। हाल ही में कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कृषि ऋण छूट देने की घोषणा की है, जबकि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधराराजे सिंधिया ने इसी सप्ताह 8500 करोड़ रुपये की कृषि ऋण छूट योजना पेश की है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में इन 5 बड़े राज्यों की कृषि ऋण छूट राज्यों के राजकोषीय घाटे को 1,07,700 करोड़ रुपये या उनके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 0.65 फीसदी रह सकती है। यदि राज्यों का संयुक्त राजकोषीय घाटा आंका जाए तो ये जीडीपी का 2.7 फीसदी या 4.48 लाख करोड़ रुपये हो सकता है।