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जीएसटी कटौती से बढ़ेगी मकानों की बिक्री, आईटीसी से घटेगा डेवलेपर्स का मुनाफा

Wed, 27 Feb 2019 04:58 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Wed, 27 Feb 2019 04:58 PM IST
सार

  • रेटिंग एजेंसियों का दावा- कर कटौती से तेज होगी किफायती मकानों की मांग, पटरी पर आएगा रियल्टी क्षेत्र
  • आठ फीसदी से घटकर एक फीसदी हुआ जीएसटी निर्माणाधीन मकानों पर
  • 5 फीसदी जीएसटी अब किफायती मकानों पर, पहले था 12 फीसदी
  • 18 फीसदी तक लगता है मुंबई जैसे शहर में खरीद पर भुगतान शुल्क

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sale of flats will see a rise after reduction in gst rate, will not get benefit of ict

विस्तार

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने बुधवार को कहा कि निर्माणाधीन फ्लैट पर जीएसटी घटाने के सरकार के फैसले से मकानों की बिक्री में तेजी आएगी, लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) वापस लेने से बिल्डर्स का मुनाफा घट सकता है। बीते रविवार को जीएसटी परिषद ने किफायती मकानों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) घटाकर एक फीसदी कर दिया था, साथ ही इससे इनपुट क्रेडिट टैक्स को भी हटा दिया गया है।

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इससे पहले ऐसे मकानों पर आईटीसी के साथ आठ फीसदी जीएसटी वसूला जाता था। इसके साथ ही परिषद ने निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी घटाकर पांच फीसदी (आईटीसी मुक्त) कर दिया है, जो पहले आटीसी के साथ 12 फीसदी था।
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मूडीज ने कहा कि जीएसटी में कटौती भारतीय बाजार के प्रॉपर्टी डेवलेपर्स के लिए सकारात्मक है। क्योंकि टैक्स कटौती से निर्माणाधीन मकानों की मांग और बिक्री दोनों में तेजी आएगी। 

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पिछले कुछ सालों से दबाव में था क्षेत्र

एजेंसी ने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों से मांग घटने और इंवेट्री में मकान पड़े रहने के कारण कीमतें गिरी थी, जिससे भारतीय रियल्टी क्षेत्र दबाव में रहा था। जीएसटी में हुई इस कटौती से मकान खरीददार को कम कीमत चुकानी पड़ेगी और इससे प्रॉपर्टी की मांग में तेजी आएगी। साथ ही किफायती मकानों पर जीएसटी कटौती कर सरकार ने इस वर्ग पर भी अपना ध्यान केंद्रित किया है। 

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डेवलेपर्स बढ़ा सकते हैं दाम

मौजूदा समय में डेवलेपर्स किसी बिक्री के दौरान अपनी कर देनदारी निर्माण में इस्तेमाल हुई वस्तुओं और सेवाओं पर चुकाए कर का दावा कर कम करने में सक्षम थे। लेकिन आईटीसी खत्म होने से डेवलेपर्स का मुनाफा घटेगा। मूडीज ने कहा कि डेवलेपर्स के पास अपने घाटे को कम करने का एकमात्र विकल्प कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी करना रह जाएगा। हालांकि, जीएसटी में कटौती से उपभोक्ता द्वारा चुकाई जाने वाली कुल कीमत घटेगी, जिससे डेवलेपर्स कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी कर सकते हैं।  

घटेगा भुगतान शुल्क

रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा कि निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी घटाने और किफायती मकानों ओर ध्यान ज्यादा केंद्रित करने के फैसले से खरीदारी को बढ़ावा मिलने के साथ मांग को भी समर्थन मिलेगा। एजेंसी के अनुसार, हमारा मानना है कि इस फैसले से ग्राहकों का रुझान तेज होगा और मुंबई जैसे शहरों में 18 फीसदी तक लगने वाले भुगतान शुल्क (ट्रांजेक्शन कॉस्ट) में भी कटौती होगी। भुगतान शुल्क अन्य कर समेत, स्टैम्प ड्यूटी, सरचार्ज और पंजीकरण शुल्क शामिल होता है।

ग्राहकों को आईटीसी लाभ न मिलने की आशंका होगी खत्म

फिच के अनुसार, नई जीएसटी दरों से डेवलेपर्स को मिलने वाला आईटीसी लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन कुल भुगतान शुल्क में थोड़ी राहत मिल सकती है। साथ ही इससे किफायती मकानों के क्षेत्र में भी असर होगा और ग्राहक मकान खरीद को लेकर अधिक उत्साहित रहेंगे। नई दरों से डेवलेपर्स द्वारा आईटीसी फायदा ग्राहकों को देने के बजाय खुद तक सीमित रखने की आशंका पर भी विराम लगेगा।

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