एक प्लेटफॉर्म पर आएगा 29 राज्यों का रेरा, खरीदारों को होगा फायदा
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प्रॉपर्टी खरीदने की चाह रखने वाले लोगों के लिए खुशखबरी। अब कोई भी व्यक्ति पूरे देश में किसी भी प्रॉपर्टी के बारे में एक ही वेबसाइट से जानकारी ले सकेगा। रेरा कानून के लागू होने के दो साल बाद अब केंद्र सरकार इसको और मजबूत बनाने में लगी है। इसके तहत सभी राज्यों में मौजूद रेरा नियामक को एक ही प्लेटफॉर्म पर लेकर आया जाएगा। हालांकि इसका फैसला 27 मई को लिया जाएगा।
बनेगी नई वेबसाइट
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद सभी रेरा रेग्यूलेटर एक-दूसरे से लिंक हो जाएंगे। इससे लोगों को राहत मिलेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि देश भर में बिल्डरों द्वारा चल रहे प्रोजेक्ट की जानकारी एक ही वेबसाइट पर एक क्लिक के माध्यम से मिल जाएगी।
ऑनलाइन कर सकेंगे शिकायत
इस प्लेटफॉर्म पर घर या फिर कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोग बिल्डर के खिलाफ सीधी शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। केंद्र सरकार के प्रतिनिधि होने पर क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों को दूर करने की दिशा में पहल की जा सकेगी।
29 राज्यों में लागू है रेरा कानून
फिलहाल देश के 29 राज्यों में रेरा कानून लागू है। अभी 20 राज्यों में स्वतंत्र रेरा है और 9 में विभागीय प्रमुख सचिव को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। पिछले दिनों दिल्ली में देशभर के रेरा के रेग्युलेटरों ने एक कॉन्फ्रेंस में एक-दूसरे के यहां की आवासीय गतिविधियों पर चर्चा की। रेरा के फैसलों के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों पर विचार विमर्श किया गया।
केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग की तर्ज पर फोरम ऑफ रेरा रेग्युलेटर के गठन पर भी चर्चा हुई। जानकारों का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से सभी रेरा रेग्युलेटर एक-दूसरे से लिंक हो जाएंगे। बड़ा फायदा यह है कि इससे न सिर्फ राज्यों में चल रहे आवासीय प्रोजेक्ट की जानकारी एकत्रित होगी, बल्कि खरीदार, बैंकर्स-बिल्डरों के कामकाज पर भी निगाह रखी जा सकेंगे।
27 मई को होगा फैसला
फोरम ऑफ रेरा रेग्युलेटर के गठन के लिए 27 मई को दिल्ली में कॉन्फ्रेंस रखी गई है। इसमें केंद्रीय नगरीय विकास सचिव डीएस मिश्रा मौजूद रहेंगे। अभी इस बात पर विचार चल रहा है कि इसे कंपनी की तरह बनाया जाए या सोसायटी या फिर ट्रस्ट का रूप दिया जाए।