मकानों की बिक्री में 12 फीसदी का उछाल, रेरा लागू होने के बाद बढ़ गया ग्राहकों का विश्वास
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देश के सात प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च अवधि में मकानों की बिक्री पिछली तिमाही की तुलना में 12 फीसदी बढ़कर 49,200 इकाई रही। बिक्री में यह वृद्धि रियल एस्टेट क्षेत्र में रेरा लागू होने की वजह से हुई है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट एनारॉक ने यह जानकारी दी।
कंसल्टेंट ने 2018 की पहली तिमाही के लिए एक रिपोर्ट में बताया कि सात प्रमुख शहरों- दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर), कोलकाता, चेन्नई, बेंगलूरू, हैदराबाद तथा पुणे- में अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में कुल 43,800 मकानों की बिक्री हुई थी।
साल 2018 की पहली तिमाही में नए मकानों की आपूर्ति 27 फीसदी बढ़कर लगभग 33,000 इकाई रही, जो साल 2017 की चौथी तिमाही में 26,300 इकाई थी। इसके परिणामस्वरूप, साल 2018 की पहली तिमाही में अनबिके मकानों की संख्या में मात्र दो फीसदी की गिरावट आई और यह 7.11 लाख इकाई रही, जो साल 2017 की चौथी तिमाही में 7.27 लाख इकाई थी।
वरदान साबित हुए सुधार
एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट के चेयरमैन अनुज पुरी ने बताया कि श्रृंखलाबद्ध सुधारों व संरचनात्मक बदलावों ने भारतीय रियल एस्टेट के कारोबार के तरीके को बदलकर रख दिया है। यह निश्चित तौर पर एक वरदान रहा है।
ऐसा नहीं है कि रियल एस्टेट क्षेत्र हर तरह की मुश्किलों से बाहर निकल आया है, लेकिन हम इसमें कुछ सुधार अवश्य देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाजार अब ग्राहकों के अनुकूल हो गया है और मांग व नई आपूर्ति के बीच कोई असंतुलन नहीं है।
रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट बीते साल मई से प्रभाव में आ गया, जिसका मकसद क्षेत्र में पारदर्शिता लाना तथा गैर जिम्मेदार डेवलपरों को क्षेत्र से बाहर निकालना है।
ग्राहकों का उत्साह बढ़ा
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सात शहरों में साल 2017 की चौथी तिमाही की तुलना में साल 2018 की पहली तिमाही में मकानों की बिक्री में 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जो दर्शाता है कि क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा वित्तीय अनुशासन का माहौल बनने से लोग मकानों की खरीद के लिए आकर्षित हुए हैं।
कोलकाता में बिक्री सर्वाधिक 42 फीसदी बढ़ी
मकानों की कुल बिक्री में 80 फीसदी हिस्सेदारी एनसीआर, एमएमआर, बंगलूरू तथा पुणे की रही। कोलकाता में साल 2018 की पहली तिमाही में मकानों की बिक्री 42 फीसदी बढ़कर 3,400 इकाई रही, जो साल 2017 की चौथी तिमाही में 2,400 इकाई रही थी।
वहीं, आलोच्य अवधि में बंगलूरू तथा पुणे में मकानों की बिक्री पिछली तिमाही की तुलना में 15 फीसदी बढ़कर क्रमश: 11,500 इकाई तथा 6,800 इकाई रही। एमएमआर में साल 2018 की पहली तिमाही में रिहायशी मकानों की बिक्री 12 फीसदी बढ़कर 12,300 इकाई रही, जो साल 2017 की चौथी तिमाही में 11,000 इकाई थी।
दिल्ली-एनसीआर में मकानों की बिक्री 11 फीसदी बढ़कर 9,100 इकाई रही, जो साल 2017 की चौथी तिमाही में 8,200 इकाई थी। वहीं, हैदराबाद में यह तीन फीसदी बढ़कर 3,800 इकाई रही।
चेन्नई में बिक्री घटी
चेन्नई में हालांकि साल 2018 की पहली तिमाही में मकानों की बिक्री 12 फीसदी घटकर 2,300 इकाई रही, जो साल 2017 की चौथी तिमाही में 2,600 इकाई थी। कंसल्टेंट ने कहा कि पिछले साल की चौथी तिमाही की तुलना में साल 2018 की पहली तिमाही में रिहायशी मकानों की कीमतें एक खास दायरे में ऊपर-नीचे होती रहीं। इसका प्रमुख कारण काफी संख्या में अनबिके मकानों के साथ मांग में सीमित मात्रा में सुधार रहा।