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सुस्ती से उभरा प्रॉपर्टी बाजार, मांग निकलने और सप्लाई घटने से बढ़ेगी कीमत

Wed, 19 Dec 2018 05:41 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Wed, 19 Dec 2018 05:41 PM IST
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property market in india comes out from slow down, prices will rise
- फोटो : अमर उजाला

भारतीय रियल एस्टेट बाजार के लिए साल 2018 पिछले दो वर्षों के मुकाबले बेहतर रहा है। इसकी प्रमुख वजह, नोटबंदी, जीएसटी और रेरा के लागू होने के बाद जमीनी स्तर पर हालात सामान्य होना है। जीएसटी और रेरा ने अब रियल एस्टेट डेवलपर्स, खरीदारों, निवेशकों और इससे जुड़े सभी हितधारकों को लाभ देना शुरू कर दिया है।

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हालांकि, इस सब के बावजूद डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट लांच करने से कतरा रहे हैं। इस साल नए घरों की आपूर्ति इससे पिछले साल की तुलना में 22 प्रतिशत घटकर 1.9 लाख इकाई रह गई है। इससे बाजार में अनसोल्ड इनवेंट्री तो कम हुई है लेकिन सप्लाई घटी है। इसका असर अगले साल देखने को मिल सकता है। बाजार में आपूर्ति कम होने और मांग बढ़ने से बाजार में तेजी आएगी लेकिन प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी भी होगी। 
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अगले साल ये तीन फैक्टर्स देंगे बाजार को बूस्ट

अगले साल यानी 2019 में रियल एस्टेट बाजार में तेजी लाने में तीन फैक्टर्स अहम भूमिका अदा करेंगे। पहला, काबू में आती महंगाई, दूसरा अर्थव्यवस्था में तेजी से होता सुधार और तीसरा घरों की कीमत स्थिर होना होगा। ये तीन फैक्टर्स रियल्टी सेक्टर में तेजी लाएंगे। मेरा मानना है कि आम चुनाव के बाद रियल्टी बाजार में बड़ा बदलाव आएगा। महंगाई नियंत्रण में होने और लोगों की आय बढ़ने से घर की खरीदारी तेजी से बढ़ेगी।
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वर्ल्ड क्लास इंफ्रा से मिलेगी नई ऊर्जा

केंद्र सरकार की ओर से पिछले चार सालों में राजमार्गों, सड़कों, मेट्रो नेटवर्क, परिवहन गलियारे, पुलों, रेलमार्गों जैसी बड़ी बुनियादी ढांचे के विकास पर पूरा जोर दिया गया है। सिर्फ दिल्ली-एनीसीआर के पास ही कई एक्सप्रेस वे शुरू हुए हैं। वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर होने से रियल एस्टेट सेक्टर को अगले साल नई ऊर्जा मिलेगी। मुख्य रूप से एनसीआर क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क का दायरा तेजी से बढ़ने की वजह से नोएडा-गुरुग्राम रियल एस्टेट बाजार को बड़ा बूस्ट मिलेगा। इसका फायदा इस क्षेत्र में काम रहे डेवलपर्स और घर खरीदारों को मिलेगा।

दिल्ली-एनसीआर को सबसे ज्यादा फायदा

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सुस्ती से सबसे ज्यादा दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट बाजार ही प्रभावित हुआ था लेकिन सबसे अधिक फायदा इसी बाजार को होने वाला है। देश के किसी दूसरे महानगरों के मुकाबले प्रॉपर्टी की कीमत, अच्छी कनेक्टिविटी और बेहतर लोकेशन देशभर के निवेशकों को यहां आकर्षित कर रहा है।

अगर एनसीआर में सब-मार्केट की बात करें तो नोएडा का बाजार सबसे हॉट रहेगा। यहां वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और वाजिब कीमत पर घर की उपलब्ध्ता सबसे बड़ी वजह होगी। लग्जरियस के साथ प्रकृति का खुलापन चाहने  वालों के लिए नोएडा एक्सप्रेसवे के पास बन रहे प्रोजेक्ट्स नया ठीकाना होंगे।

यह एरिया नोएडा में सबसे खुला और कनेक्टिविटी के लिहाज से सबसे आले दर्जे का है। दिल्ली से लेकर अगरा और बन रहे जेवर एयरपोर्ट पर जाना यहां से सबसे सुगम है। इसलिए घर खरीदारों के लिए 2019 में यह सबसे हॉट लोकेशन होगा।

अफोर्डेबल घरों का रहेगा बोलबाला

केंद्र की सरकार ने सस्ते घरों की कमी को पूरा करने के लिए कई पहल कर रही है। इसके तहत जीएसटी में टैक्स छूट से लेकर होम लोन पर मिल रही सब्सिडी शामिल हैं। डेवलपर्स को भी अफोर्डेबल प्रोजेक्ट लाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ऐसे में इस साल भी 30 से 60 लाख तक के घरों की मांग सबसे ज्यादा रहेगी। यह मध्यमवर्गीय परिवार के बजट में होगा।

निवेश के लिए बेहतर होगा माहौल

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रियल एस्टेट सेक्टर अब पटरी पर लौट चुका है। इसका फायदा अगले साल निवेशकों को मिलना तय है। एक बार फिर से रियल एस्टेट निवेशकों को मोटा मुनाफा कराएगा। इसकी वजह पिछले कुछ महीनों से घर खरीददार एक बार फिर से घर खरीदने की ओर रूख, घर खरीदने के सेंटिमेंट इंडेक्स में लगातार सुधार है।

इसकी वजह कर्ज लेने की लागत में गिरावट, रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी की उम्मीद और रेडी टू मूव घर वाजिब कीमत में उपलब्ध होना है। शेयर बाजार, सोना और म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे निवेशक एक बार फिर से प्रॉपर्टी बाजार का रुख करेंगे।

कमर्शियल रियल एस्टेट की भी रहेगी चांदी

अगले साल एफएमसीजी, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टक, मैन्युफैक्चरिंग आदि के चलते कमर्शियल स्पेस की लीजिंग अच्छी रहने की उम्मीद है। इससे कमर्शियल प्रॉपर्टी बाजार में भी अच्छी तेजी देखने को मिलेगी। टियर टू और थ्री शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होने से वहां भी डिमांड बढ़ेगी।

उम्मीद जता रहे हैं आंकड़े

सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स बिजनेस एंड रिसर्च (सीईबीआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक भारत विश्व का तीसरा सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। इसका असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी पड़ेगा और काम में तेजी आएगी। इस समय यह क्षेत्र 11 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ कर रहा है। माना जा रहा है कि यह विकास 2020 तक जारी रहेगा। यानी 2019 में रियल एस्टेट सेक्टर एक बार फिर से दौड़ना शुरू कर देगा।

इस साल भी बढ़ी बिक्री

एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सात प्रमुख शहरों में मकानों की बिक्री 2018 में 16 प्रतिशत बढ़कर 2.45 लाख इकाई रह सकती है। सस्ते घरों की मांग अच्छी रहने से बिक्री में वृद्धि होने की उम्मीद है। वार्षिक आधार पर इसमें 16 प्रतिशत की वृद्धि होगी। बगैर बिके मकानों की संख्या सितंबर 2018 के अंत में आठ प्रतिशत गिरकर 6.87 लाख इकाई रह गयी। 2017 की तीसरी तिमाही में यह आंकड़ा 7,44,000 इकाई था।

राकेश यादव
सीएमडी, अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप

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