रियल एस्टेट में दिखने लगी तेजी, लीजिंग गतिविधियां 30 फीसदी बढ़ी
संपत्ति सलाहकार फर्म सीबीआरई ने कहा, सरकार के उपायों से बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास की बदौलत निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन।
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अर्थव्यवस्था में जारी सुस्ती के बीच रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी के लक्षण दिखने लगे हैं। लीजिंग गतिविधियों में तेजी इस बात के संकेत हैं। संपत्ति सलाहकार फर्म सीबीआरई ने अपनी ‘इंडिया इंडस्ट्रीयल एंड लॉजिस्टिक्स मार्केट व्यू’ में कहा कि 2019 की दूसरी छमाही में लीजिंग गतिविधियों में सालाना आधार पर 30 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। इस दौरान यह 3.3 करोड़ वर्ग फुट के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 की दूसरी छमाही के दौरान कुल लीजिंग गतिविधियों में करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी बंगलूरू, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई की रही। इन शहरों में इस दौरान करीब 1.8 करोड़ वर्ग फीट जगह लेने के साथ ऐतिहासिक लीजिंग गतिविधियां दर्ज की गईं, जो 2019 की पहली छमाही के मुकाबले 20 फीसदी अधिक है। सीबीआरई के भारत, दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के चेयरमैन एवं सीईओ अंशुमन मैगजीन ने कहा कि राष्ट्रीय रसद नीति और राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति जैसी पहलों के कार्यान्वयन के साथ बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास की बदौलत निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत में गोदाम क्षेत्र के समग्र स्टॉक में और सुधार होगा।
आधा हिस्सा 3पीएल फर्मो का
रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 के दौरान हुईं लीजिंग गतिविधियों में करीब आधी हिस्सेदारी (48 फीसदी) थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक प्रोवाइडर (3पीएल) कंपनियों की रही। 2018 में यह हिस्सेदारी 36 फीसदी रही थी। 2019 में करीब 18 फीसदी हिस्सेदारी के साथ ई-कॉमर्स कंपनियों का नंबर रहा। इस दौरान इंडस्ट्रियल एवं लॉजिस्टिक (आईएंडएल) में छोटे आकार के लेनदेन (50,000 वर्ग फीट) कम रहे। मध्यम आकार के लेनदेन की हिस्सेदारी (50,000 से एक लाख वर्ग फीट के बीच) 30 फीसदी रही, जो 2018 में 26 फीसदी थी। लीजिंग गतिविधियों में बड़े आकार के सौदों (एक लाख वर्ग फीट से अधिक) की हिस्सेदारी 28 फीसदी रही।
आईएंडएल क्षेत्र में 20 करोड़ डॉलर का निवेश
रिपोर्ट में बताया गया है कि हैदराबाद में बड़े आकार के सौदों की संख्या 2018 के मुकाबले 2019 में दोगुनी रही। इसमें आगे कहा गया है कि कई सरकारी नीतियों और सुधारों के चलते 2019 के दौरान आईएंडएल क्षेत्र में 20 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश हुआ। यह निवेश मुख्य रूप से बड़े आकार के सौदे (प्रत्येक 5-10 करोड़ डॉलर) के रूप में हुआ। इनमें मुंबई में एक औद्योगिक पार्क की आंशिक खरीद और चेन्नई में दो गोदामों का अधिग्रहण शामिल है।
शीर्ष-9 कंपनियों की बिक्री बढ़कर 5,800 करोड़
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में शीर्ष-9 सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों की बिक्री दो फीसदी बढ़कर करीब 5,800 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इन कंपनियों में डीएलएफ, सोभा, पूर्वांकरा, प्रेस्टीज एस्टेट्स, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, महिंद्रा लाइफस्पेस डेवलपर्स, गोदरेज प्रॉपर्टीज, ओबेरॉय रियल्टी और कोल्टे पाटिल शामिल हैं। संपत्ति सलाहकार कंपनी एनारॉक ने कहा कि इन कंपनियों की बिक्री पिछले त्योहारी तिमाही में तेजी से बढ़ी। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद तीसरी तिमाही में इन कंपनियों की बिक्री बढ़कर 5,800 करोड़ पर पहुंच गई। यह तिमाही आधार 4 फीसदी और सालाना आधार पर दो फीसदी की वृद्धि दिखाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कंपनियों में गोदरेज प्रॉपर्टीज, प्रेस्टीज एस्टेट्स और शोभा को बिक्री से सबसे ज्यादा कमाई हुई।