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आम्रपाली समूह ने जेपी मॉर्गन सहित धोनी की कंपनियों में किया खरीदारों का पैसा डायवर्ट

Wed, 24 Jul 2019 08:35 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Wed, 24 Jul 2019 08:35 PM IST
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jp morghan and mahendra singh dhoni company diverted funds in their company from amrapali group

आम्रपाली समूह ने अमेरिकी कंपनी जेपी मॉर्गन की भारतीय इकाई सहित भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी धोनी की कंपनियों में घर खरीदारों का पैसा डायवर्ट कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने मंगलवार को दिए गए फैसले में कहा है कि अब इसकी जांच होगी। 

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शीर्ष अदालत ने आम्रपाली समूह के मालिक अनिल शर्मा और अन्य निदेशकों को फटकार भी लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन दोनों कंपनियों ने निवेशकों के द्वारा जमा किए गए पैसों को इधर-उधर डायवर्ट किया। कोर्ट ने        ऑडिटरों की रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले में जांच करने का आदेश जारी किया है। 

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यह किया उल्लंघन  

जेपी मॉर्गन कंपनी ने फेमा कानूनों का उल्लंघन करते हुए मुनाफे के बगैर डिविडेंड दे दिया। इसके अलावा इसने कई सारी फर्जी कंपनियां बनाने में आम्रपाली समूह की मदद की और शेयरों की कीमत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया।  

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ऐसे किया घपला

कंपनी ने 2010 में आम्रपाली जोडिएक में उसके शेयरों की खरीद के जरिये 85 करोड़ रुपये का निवेश किया था। बाद में इन शेयरों को रीयल्टी कंपनी की सहायक कंपनियों  और ऑफिस में कार्यरत चपरासी व ऑडिटर के भतीजे को 140 करोड़ रुपये में बेच दिया था। फॉरेंसिक ऑडिटरों ने कहा कि जेपी मॉर्गन रीयल एस्टेट फंड और आम्रपाली समूह के बीच शेयर खरीद करार कानून के प्रावधानों का उल्लंघन था। 

SFIO करेगा जांच

इस पर पीठ ने जेपी मॉर्गन और उसके भारतीय प्रभारी के वकील से कहा कि कंपनी को कई चीजें स्पष्ट करने की जरूरत है। अब गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) इस मामले को देखेगा। 

12 दिसंबर, 2018 को दिया था आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसंबर, 2018 को दो फॉरेंसिक ऑडिटरों को करीब 3,000 करोड़ रुपये इधर उधर करने की जांच को कहा था। यह फ्लैट खरीदारों का पैसा था जो आम्रपाली समूह ने कथित रूप से अपनी सहयोगी कंपनियों के शेयर खरीदने और संपत्ति बनाने पर खर्च किया था।

jp morghan and mahendra singh dhoni company diverted funds in their company from amrapali group

रति स्पोर्ट्स में 42.22 करोड़ रुपये किए डायवर्ट

आम्रपाली ग्रुप ने घर खरीदारों का पैसा क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की कंपनियों में लगाया है। ये कंपनियां धोनी और उनकी पत्नी साक्षी मिलकर चलाते हैं। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, आम्रपाली ने रीति स्पोर्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड और आम्रपाली माही डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ फर्जी करार किया था।

कोर्ट ने बताया कि आम्रपाली समूह की कंपनियों ने 2009 से 2015 के बीच 42.22 करोड़ रुपये रीति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को दिए। कुल रकम में से 6.52 करोड़ रुपये आम्रपाली सफायर डेवेलपर्स लिमिटेड ने चुकाए थे। रीति स्पोर्ट्स में धोनी का मुख्य हिस्सेदारी है। वहीं, आम्रपाली माही में साक्षी डायरेक्टर थीं। 

वापस लिया जाए धोनी से पैसा

जस्टिस अरुण मिश्रा और यूयू ललित ने अपने 270 पन्नों के ऑर्डर में कहा है कि घर खरीदारों का पैसा अवैध और गलत तरीके से रीति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड में डायवर्ट किया गया। यह पैसा धोनी की कंपनी से वापस लेना चाहिए क्योंकि दोनों के बीच हुए समझौता का कोई कानूनी आधार नहीं है। 

ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, आम्रपाली माही डिवेलपर्स को भी कैश में हिस्सा मिला और सभी खर्चों का पेमेंट भी कैश में किया गया। इस कंपनी (आम्रपाली माही) ने रांची में एक प्रोजेक्ट शुरू किया था। दोनों के बीच एक समझौता पत्र पर साइन हुआ है लेकिन उसकी कॉपी नहीं मिली है। 
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