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GST, RERA के बाद रियल इस्टेट में निवेश करना होगा घाटे का सौदा, ये हैं कारण
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
Updated Mon, 17 Jul 2017 03:27 PM IST
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फ्लैट
- फोटो : amar ujala
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1 जुलाई से लागू हुए गुड्स एंड सर्विस टैक्स और रेरा कानून लागू होने से भी अगर आप मकान या फिर फ्लैट खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह घाटे का सौदा होगा। होम लोन रेट कम होने और प्रॉपर्टी के दाम कम होने के बावजूद भी इसका फायदा नहीं मिलेगा।
प्रॉपर्टी कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के बाद दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता को छोड़कर के देश के आठ प्रमुख रियल इस्टेट मार्केट में प्रॉपर्टी के दाम काफी गिर गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली एनसीआर में 2014 से रेट काफी गिर गए हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी भी बिल्डर्स अपने पुराने प्रोजेक्ट ही पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से कई बिल्डर नई-नई स्कीम लेकर के आ रहे हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा उनके प्रोजेक्ट में निवेश करें, जिससे कैश का इनफ्लो बना रहे।
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हालांकि अभी भी प्रोजेक्ट्स को लेकर के लोगों में नोटबंदी के बाद से वो उत्साह नहीं दिख रहा है, जितना पहले था। जीएसटी के बाद सरकार ने पहले से बन रहे और नए प्रोजेक्ट्स पर 12 फीसदी जीएसटी लगा दिया है।
रेरा के लागू होने के बाद से बिल्डरों पर भी पुराने लंबित प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का दबाव काफी बढ़ गया है। लेकिन अभी भी कई बिल्डरों के पास इतना पैसा नहीं है कि वो प्रोजेक्ट को पूरा कर सकें।
दो-तीन साल में आएगी बहार
रिपोर्ट के मुताबिक, अभी दिल्ली एनसीआर में अकेले 1.8 लाख फ्लैट बिना बिके पड़े हुए हैं। बिल्डरों को एक फ्लैट बेचने में 8 साल से ज्यादा का समय लग रहा है। इसके अभी हाल-फिलहाल अच्छा होने की उम्मीद नहीं है और 2-3 साल का वक्त और लगेगा।
इन शहरों में अभी भी बढ़ रहे हैं प्रॉपर्टी के दाम
रिपोर्ट के मुताबिक देश के ऐसे शहर हैं, जहां पर प्रॉपर्टी के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। इन शहरों में हैदराबाद, मुंबई, बंगलुरू, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे शामिल हैं। अकेले हैदराबाद में जहां 2014 में रेट 3390 था, वो 2017 के पहले छह महीनों में 3710 पहुंच गया है।
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प्रॉपर्टी कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के बाद दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता को छोड़कर के देश के आठ प्रमुख रियल इस्टेट मार्केट में प्रॉपर्टी के दाम काफी गिर गए हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली एनसीआर में 2014 से रेट काफी गिर गए हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी भी बिल्डर्स अपने पुराने प्रोजेक्ट ही पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से कई बिल्डर नई-नई स्कीम लेकर के आ रहे हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा उनके प्रोजेक्ट में निवेश करें, जिससे कैश का इनफ्लो बना रहे।
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हालांकि अभी भी प्रोजेक्ट्स को लेकर के लोगों में नोटबंदी के बाद से वो उत्साह नहीं दिख रहा है, जितना पहले था। जीएसटी के बाद सरकार ने पहले से बन रहे और नए प्रोजेक्ट्स पर 12 फीसदी जीएसटी लगा दिया है।
रेरा के लागू होने के बाद से बिल्डरों पर भी पुराने लंबित प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का दबाव काफी बढ़ गया है। लेकिन अभी भी कई बिल्डरों के पास इतना पैसा नहीं है कि वो प्रोजेक्ट को पूरा कर सकें।
दो-तीन साल में आएगी बहार
रिपोर्ट के मुताबिक, अभी दिल्ली एनसीआर में अकेले 1.8 लाख फ्लैट बिना बिके पड़े हुए हैं। बिल्डरों को एक फ्लैट बेचने में 8 साल से ज्यादा का समय लग रहा है। इसके अभी हाल-फिलहाल अच्छा होने की उम्मीद नहीं है और 2-3 साल का वक्त और लगेगा।
इन शहरों में अभी भी बढ़ रहे हैं प्रॉपर्टी के दाम
रिपोर्ट के मुताबिक देश के ऐसे शहर हैं, जहां पर प्रॉपर्टी के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। इन शहरों में हैदराबाद, मुंबई, बंगलुरू, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे शामिल हैं। अकेले हैदराबाद में जहां 2014 में रेट 3390 था, वो 2017 के पहले छह महीनों में 3710 पहुंच गया है।