फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Property ›   Global Realty Transparency Index India Rises One Place To 34th

वैश्विक रियल्टी पारदर्शिता सूचकांक: 34वें स्थान पर भारत, जानें क्या है अमेरिका, पाकिस्तान का हाल

Tue, 07 Jul 2020 03:07 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Tue, 07 Jul 2020 03:07 PM IST
विज्ञापन
Global Realty Transparency Index India Rises One Place To 34th
प्रॉपर्टी - फोटो : pixabay

वैश्विक रियल एस्टेट पारदर्शिता सूचकांक में भारत का स्थान 34वां रहा है। रियल एस्टेट बाजार से जुड़े नियामकीय सुधार, बाजार से जुड़े बेहतर आंकड़े और हरित पहलों के चलते देश की रैंकिंग में एक अंक का सुधार हुआ है।

विज्ञापन


बीते सालों में इतनी थी रैंकिंग
वैश्विक संपत्ति सलाहकार कंपनी जेएलएल इस द्वि-वार्षिक सर्वेक्षण को करती है। वर्ष 2018 में भारत की रैंकिंग 35, वर्ष 2016 में 36 और 2014 में 39 थी। देश के रियल एस्टेट बाजार को वैश्विक स्तर पर 'आंशिक-पारदर्शी' श्रेणी में रखा गया है।
विज्ञापन


शीर्ष पर ब्रिटेन
सूचकांक में कुल 99 देशों की रैंकिंग की गयी है। इसमें शीर्ष पर ब्रिटेन है। इसके बाद क्रमश: अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और कनाडा देश शीर्ष पांच में शामिल है। भारत के पड़ोसी देश चीन की इस सूचकांक में रैंकिंग 32, श्रीलंका की 65 और पाकिस्तान की 73वां स्थान है। शीर्ष 10 देशों को उच्च पारदर्शी, 11 से 33 को पारदर्शी श्रेणी में रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोरोना ने बढ़ाई परेशानी
इस बीच भारत में कोरोना वायरस महामारी ने खरीदारों की धारणा तथा बिक्री को प्रभावित कर रियल एस्टेट क्षेत्र की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। उद्योग जगत के अनुमानों के मुताबिक रियल एस्टेट क्षेत्र में 60-70 लाख लोग कार्यरत हैं, जिनमें तीन लाख सफेदपोश कर्मचारी भी शामिल हैं।

दो लाख कर्मचारियों की नौकरी पर संकट
माय हायरिंग क्लब डॉट कॉम और सरकारी-नौकरी डॉट इंफो के अनुमान के अनुसार, रियल एस्टेट क्षेत्र में लगभग दो लाख कर्मचारियों को कोरोना वायरस संकट के कारण निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अब तक 60 हजार से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है। 


लागत कम करने पर ध्यान दे रहे डेवलपर्स 
परामर्श प्रदान करने वाली कंपनी प्रॉपकंसिलियम इंफ्राटेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) राजेश कुमार ने कहा कि, 'इस क्षेत्र की बिक्री पर एक बड़ा प्रभाव पड़ रहा है। लंबित भुगतानों में चूक की भी आशंकाएं हैं। पहले से ही ज्यादातर डेवलपर्स नकदी की कमी का सामना कर रहे हैं और इसलिए वे अब लागत कम करने पर ध्यान दे रहे हैं। वे इसके लिए छंटनी कर रहे हैं, अपने ऑफिस बंद कर रहे हैं।'

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed