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फ्लैट का मेंटेनेंस है 7500 रुपये, तो देना होगा 18 फीसदी जीएसटी

Tue, 23 Jul 2019 11:45 AM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Tue, 23 Jul 2019 11:45 AM IST
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finance ministry issues clarification, flat maintenance is 5k or more than have to pay gst

किसी हाउसिंग सोसाइटी या फिर कॉलोनी में रहने वाले लोग हर महीने RWA को मेंटेनेंस के तौर पर 7500 रुपये से अधिक देते हैं तो फिर उनको 18 फीसदी जीएसटी देना होगा। वित्त मंत्रालय ने इस बारे में स्पष्टीकरण जारी किया है। 

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पहले था पांच हजार रुपये

इससे पहले 25 जनवरी 2018 तक केवल पांच हजार रुपये से ज्यादा की मेंटेनेंस राशि पर जीएसटी देय होता था। हालांकि अब नौ हजार रुपये मासिक शुल्क देने वालों को भी जीएसटी देना होगा। 

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ऐसे होगी गणना

अगर किसी व्यक्ति के एक ही सोसाइटी में दो फ्लैट हैं, और वो इसके लिए प्रत्येक फ्लैट के लिए 7500 रुपये दे रहा है, तो उसके लिए छूट लागू होगी। वहीं 20 लाख रुपये से ज्यादा के टर्नओवर वाले आरडब्ल्यूए को जीएसटी के दायरे में लाया गया है। 

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वित्त मंत्रालय ने कहा है कि आरडब्ल्यूए जेनरेटर, वाटर पम्प, लॉन फर्नीचर जैसी कैपिटल गुड्स और नल, पाइप, सेनेटरी हार्डवेयर जैसी गुड्स के जीएसटी भुगतान पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम कर सकते हैं। इस मेंटेनेंस में प्रॉपर्टी टैक्स, स्टांप ड्यूटी और पानी व बिजली का बिल शामिल नहीं है। 

करने होंगे 37 अलग-अलग तरह के रिटर्न फाइल

टैक्स एक्सपर्ट सीए अतुल गर्ग ने बताया कि जिन सोसाइटी और RWA ने अपना रजिस्ट्रेशन जीएसटी में नहीं कराया है, उनको अब ऐसा कराना जरुरी हो जाएगा। इसके अलावा जीएसटी में 37 अलग-अलग तरह के वार्षिक रिटर्न फाइल करने होंगे, जो कि पहले एक ही करना होता था। 



सोसाइटी और RWA के पदाधिकारियों के मुताबिक इससे फंड के इस्तेमाल करने पर असर पड़ेगा, क्योंकि इस फंड का इस्तेमाल सोसाइटी में इमरजेंसी के दौरान होता है। एक सोसाइटी के पदाधिकारी राजीव शर्मा के अनुसार, कोई भी सोसाइटी इस फंड का इस्तेमाल तब तक नहीं करती है, जब तक कोई बड़ा खर्चा न आ जाएं। अब टैक्स ज्यादा लगने से उनको फंड का स्टेटस सही रखने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। 

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