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19 मार्च को होगी GST काउंसिल की बैठक, चुनाव आयोग से मिली मंजूरी, मिल सकती है खुशखबरी

Thu, 14 Mar 2019 11:11 AM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Thu, 14 Mar 2019 11:11 AM IST
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election commission approves gst council meeting on 19 th march
gst council - फोटो : file photo---PTI

चुनाव आयोग ने 19 मार्च को होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक को मंजूरी दे दी है। आचार संहिता लागू होने के बाद इस बैठक के लिए आयोग की मंजूरी लेना जरूरी था। परिषद की यह 34वीं बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। आयोग की मंजूरी के बाद जीएसटी परिषद सचिवालय ने राज्यों को इस बाबत नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। 

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रियल एस्टेट पर चर्चा 

इस बैठक में रियल एस्टेट क्षेत्र को जीएसटी में दी गई छूट को लागू करने पर चर्चा होगी। परिषद ने पिछली बैठक में निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी 12 से घटाकर 5 फीसदी और किफायती मकानों पर 8 से घटाकर 1 फीसदी कर दिया था। अब इसे लागू करने के लिए जरूरी बदलाव के प्रावधानों पर चर्चा की जानी है।

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महंगे हो सकते हैं वाहनों के ट्यूब

मोटर वाहनों में इस्तेमाल होने वाले ट्यूब आने वाले दिनों में महंगे हो सकते हैं। अखिल भारतीय टायर डीलर्स फेडरेशन (एआईटीडीएफ) ने वाहनों के ट्यूब पर जीएसटी बढ़ाने संबंधी प्रतिवेदन बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपा है। इस पर जीएसटी परिषद की 19 मार्च को होने वाली बैठक में चर्चा हो सकती है।

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एआईटीडीएफ ने अपने प्रतिवेदन में कहा है कि शुरू में मोटर वाहनों में उपयोग होने वाले रबर के टायर और ट्यूब पर 28 फीसदी की दर से समान कर लगता था। पिछले साल ट्रक, बस, कार, एसयूवी, दोपहिया और तिपहिया वाहनों, अर्थमूविंग मशीनों में लगने वाले ट्यूब पर जीएसटी 28 से घटा 18 फीसदी कर दिया गया।

हालांकि, जीएसटी परिषद ने तय किया कि यदि कोई ग्राहक टायर के साथ ट्यूब (पूरा व्हील सेट) खरीदता है तो उसे दोनों पर 28 फीसदी जीएसटी देना होगा, लेकिन ग्राहक यदि सिर्फ ट्यूब खरीदता है तो 18 फीसदी ही जीएसटी देगा।

डीलरों की बढ़ी परेशानी

एआईटीडीएफ के संयोजक एसपी सिंह ने कहा कि ट्यूब पर जीएसटी दर घटने से डीलरों की परेशानी बढ़ गई है। यदि डीलर टायर और ट्यूब का अलग-अलग बिल बनाये तो जीएसटी के इंफोर्समेंट डिपार्टमेंट वाले उन पर कर चोरी का आरोप लगाते हैं।



इसलिए डीलरों की मांग है कि टायर-ट्यूब पर दोबारा एकसमान 28 फीसदी जीएसटी कर दिया जाए। अगर परिषद यह फैसला करती है तो इस पर चुनाव आचार संहिता का भी कोई असर नहीं होगा, क्योंकि इसमें दर घटाने के बजाए बढ़ाई जा रही है।

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