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बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करने के बाद बेनामी संपत्ति पर लगेगी लगाम, जल्द हो सकता है ऐलान
अनंत पालीवाल, अमर उजाला डिजिटल, नई दिल्ली
Updated Sat, 23 Dec 2017 08:53 PM IST
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- फोटो : File Photo
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मोदी सरकार पैन कार्ड और अन्य वित्तीय लेनदेन के लिए सभी तरह के अकाउंट्स को आधार से लिंक करने बाद बेनामी संपत्ति पर लगाम लगाने जा रही है। इसके लिए सभी तरह की तैयारियां सरकार की तरफ से पूरी कर ली गई हैं, केवल औपचारिक घोषणा बाकी है। हो सकता है कि नए साल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसकी घोषणा बजट सत्र से पहले कर दें।
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प्रॉपर्टी खरीदने के लिए जरूरी होगा आधार
प्रॉपर्टी खरीदने पर आधार नंबर को जरूरी किया जा सकता है। बैंक अकाउंट, पैन कार्ड और पासपोर्ट को आधार से लिंक करने के बाद अब मकान, दुकान को खरीदने या बेचने पर भी ऐसा करना होगा।
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इलेक्ट्रोनिक होगा संपत्ति का रजिस्ट्रेशन
सरकार अब देश भर में प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन इलेक्ट्रोनिक तरीके से करने जा रही है। इसके लिए सरकार संपत्ति कानून 1908 के सेक्शन 32 और 32ए में संशोधन कर सकती है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में लंबित रजिस्ट्रेशन अधिनियम में संशोधन के लिए लाए जा रहे विधेयक में आधार को अनिवार्य करना शामिल किया है। यह सिफारिश संसद की स्थाई समिति ने की थी, जिस पर विचार के लिए मंत्रियों की समिति का गठन किया गया था।
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कैबिनेट की मंजूरी मिलना बाकी
PM modi
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मंत्रियों की समिति ने इस पर अपनी सहमति देते हुए आधार सत्यापन को अनिवार्य बनाने को कहा था। इसके बाद विधेयक का संशोधित प्रारूप तैयार कर कानून मंत्रालय को भेजा गया जिसे हरी झंडी मिल चुकी है। अब विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
पॉवर ऑफ अटार्नी की भी देनी होगी जानकारी
कानूनी हकदार नहीं होने की स्थिति में उस संपत्ति पर कोई कब्जा कर लेता है और फिर फर्जीवाड़े से अपना बना लेता है। ऐसे फर्जीवाड़ों को भी जांच एजेंसियां आसानी से पकड़ लेंगी और जमीन सरकार की हो जाएगी।
नहीं कर पाएंगे संपत्ति की अदलाबदली
एक व्यक्ति वसीयत, अनुबंध, पॉवर ऑफ अटार्नी, उपहार, हस्तांतरण या अदला-बदली में अपने स्वामित्व वाली जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम करता है तो आधार से पता चल जाएगा। इससे अदला-बदली से सौदा छिपाना मुश्किल होगा।
पॉवर ऑफ अटार्नी की भी देनी होगी जानकारी
कानूनी हकदार नहीं होने की स्थिति में उस संपत्ति पर कोई कब्जा कर लेता है और फिर फर्जीवाड़े से अपना बना लेता है। ऐसे फर्जीवाड़ों को भी जांच एजेंसियां आसानी से पकड़ लेंगी और जमीन सरकार की हो जाएगी।
नहीं कर पाएंगे संपत्ति की अदलाबदली
एक व्यक्ति वसीयत, अनुबंध, पॉवर ऑफ अटार्नी, उपहार, हस्तांतरण या अदला-बदली में अपने स्वामित्व वाली जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम करता है तो आधार से पता चल जाएगा। इससे अदला-बदली से सौदा छिपाना मुश्किल होगा।