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वायु प्रदूषण के लिए ‘बड़े बिल्डर्स पर कार्रवाई करे प्राधिकरण’
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 06 Mar 2016 05:44 AM IST
सार
- वायु प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) की सख्ती कायम
- दिल्ली-एनसीआर में कई बच्चे और बूढ़े वायु प्रदूषण का शिकार हो रहे हैं
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विस्तार
निर्माण के कारण उड़ने वाली धूल व अन्य कारणों से होने वाले वायु प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) की सख्ती कायम है।
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एनजीटी ने अपनी टिप्पणी में कहा कि दिल्ली-एनसीआर में कई बच्चे और बूढ़े वायु प्रदूषण का शिकार हो रहे हैं। वहीं हजारों की तादाद में लोग फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं। प्राधिकरणों को आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई कर सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण के दौरान वायु प्रदूषण न होने पाए।
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इसके बाद बेंच ने अपने निर्देश में नागरिक संस्थाओं और सार्वजनिक प्राधिकरणों को कहा कि वे दिल्ली-एनसीआर में निर्माण स्थलों के इर्द-गिर्द उड़ने वाली धूल के कारण होने वाले वायु प्रदूषण पर सख्ती बरतें। साथ ही उन रियल एस्टेट डेवलपर्स पर कार्रवाई करें, जो वायु प्रदूषण की रोकथाम न कर आदेश का उल्लंघन करते हों। सभी नगर निगम ऐसे लोगों पर सख्ती के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाएं।
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बृहस्पतिवार को वायु प्रदूषण के मामले पर सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान आदेश का उल्लंघन करने वाले 84 लोग ट्रिब्युनल के समक्ष मौजूद थे। इन सभी को ट्रिब्युनल ने कारण बताओ नोटिस दिया था कि आखिर क्यों न 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाए।
कोर्ट रूम में जुटी भीड़
आदेश का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों को पूर्वी दिल्ली नगर निगम, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम व अन्य निगमों के जरिये जुर्माना न भरने पर नोटिस देकर तलब किया गया था। इतनी बड़ी संख्या में तलब किए गए लोगों की कोर्ट में हाजिरी से जाम लग गया। इसके बाद बेंच ने सभी लोगों को रजिस्ट्रार के पास भेज दिया।
साथ ही संबंधित प्राधिकरणों से कहा कि वे बिल्डर्स और निजी घरों का निर्माण करने वाले लोगों की पृथक सूची तैयार कर ट्रिब्युनल के समक्ष पेश करें। बेंच ने तलब की गई संख्या (जिन पर जुर्माना लगाया गया था) पर हैरानी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में कोई भी बिल्डर नहीं है। सभी निगम व प्राधिकरण बड़े बिल्डर्स पर अपना ध्यान लगाएं। इनके जरिये बड़ी मात्रा में वायु प्रदूषण किया जा रहा है।
440 लोगों पर जुर्माना
बेंच ने अपनी टिप्पणी में कहा कि यदि बड़े बिल्डर्स और निजी घर बनाने वाले जुर्माने की एक ही राशि अदा करेंगे तो यह अन्याय होगा। बिल्डर्स के जरिये आदेश का उल्लंघन किए जाने पर उन पर 100 गुना अधिक जुर्माना लगाना चाहिए। सुनवाई के दौरान पूर्वी दिल्ली नगर निगम की ओर से पेश एडवोकेट बालेंदु शेखर ने बेंच को सूचित किया कि निगम ने निर्माण संबंधी ट्रिब्युनल के आदेश का उल्लंघन करने वाले 440 लोगों का चालान किया है। इनमें से 50 लोगों के जरिये 50 हजार रुपये का जुर्माना भरा गया है। अन्य लोगों ने जुर्माना भरने से मना कर दिया।
बीते वर्ष लगाया था जुर्माना
मालूम हो कि ट्रिब्युनल ने बीते वर्ष दिल्ली-एनसीआर में बिल्डर्स के जरिये वायु प्रदूषण फैलाने और निर्माण के दौरान उड़ने वाले धूल के कणों का उपाय न करने वालों पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने का आदेश दिया था। साथ ही निर्माण के काम में लगे मजदूरों को अनिवार्य रूप से मास्क पहनकर काम करने का आदेश दिया था। साथ ही सड़कों पर निर्माण मलबा फेंकने वालों पर भी जुर्माना लगाकर सख्ती बरतने के आदेश दिए थे।