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आगरा की मशहूर मिठाई पेठा के शौकीन हैं तो अब जेब पर बढ़ेगा और बोझ
Fri, 06 Mar 2020 12:13 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 06 Mar 2020 12:13 AM IST
सार
कुम्हडा की फसल खराब होने से बढ़ गए दाम
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पेठा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इस वर्ष बिगड़े मौसम ने महंगाई में और तड़का लगा दिया है। इस बार कुम्हड़ा की फसल खराब होने से इससे तैयार होने वाला आगरा का मिष्ठान यानी पेठा लगातार महंगा होता जा रहा है। इस समय कुम्हड़ा के दाम तीन गुना तक दाम बढ़ गए हैं। इसके चलते पेठे के दाम भी डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं।
कुम्हड़ा की मुख्य आवक औरैया से होती है। भारी बरसात के चलते करीब चार माह पूर्व इसकी फसल खराब हो गई थी। जिसके चलते लगातार दामों में इजाफा हो रहा है। सामान्यत: 5-6 रुपये बिकने किलो वाला कुम्हड़ा अब 18 रुपये तक पहुंच गया है।
इसका असर इससे तैयार होने वाली मिठाई पर पड़ रहा है। थोक में 45 रुपये किलो का पेठा 70 रुपये तक पहुंच गया है। जबकि फुटकर बाजार में लोगों को और अधिक कीमत अदा करनी पड़ रही है।
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कुम्हड़ा की मुख्य आवक औरैया से होती है। भारी बरसात के चलते करीब चार माह पूर्व इसकी फसल खराब हो गई थी। जिसके चलते लगातार दामों में इजाफा हो रहा है। सामान्यत: 5-6 रुपये बिकने किलो वाला कुम्हड़ा अब 18 रुपये तक पहुंच गया है।
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इसका असर इससे तैयार होने वाली मिठाई पर पड़ रहा है। थोक में 45 रुपये किलो का पेठा 70 रुपये तक पहुंच गया है। जबकि फुटकर बाजार में लोगों को और अधिक कीमत अदा करनी पड़ रही है।
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शहीद भगत सिंह कुटीर उद्योग के महामंत्री संजीव बंसल बताते हैं कि अकेले औरैया से ही बाजार की पूर्ति हो जाती थी। फसल खराब होने से पूर्व 25 गाड़ियां (एक गाड़ी में 300 मन तक पेठा) तक आती थीं। अब यह घटकर 10 तक रह गई हैं, जबकि बंगलूरू, बिहार से दो-तीन गाड़ियां ही आ पा रही हैं।
फुटकर में मुनाफाखोरी से महंगी बिक रहीं सब्जियां
थोक बाजार में इन दिनों फल और सब्जियां के दाम गिरते जा रहे हैं, लेकिन खुदरा बाजार में मुनाफाखोरी के चलते आम लोगों को यह महंगे ही मिल रहे हैं। इस पर शासन या प्रशासन का कोई अंकुश नहीं है।
सिकंदरा मंडी के फल कारोबारी प्रेम सिंह का कहना है कि केला, संतरा, किन्नू, पपीता, मौसमी, अंगूर जैसे फलों के मूल्य इस समय कम हैं। लेकिन, होली के दौरान मांग बढ़ने से थोड़ा बहुत इजाफा हो सकता है। सब्जी विक्रेता शकील का कहना है कि 20 दिन के अंतराल में सब्जियों के दाम उतरते जा रहे हैं। आगे आवक बढ़ने से कीमतें और कम होंगी।
फुटकर में मुनाफाखोरी से महंगी बिक रहीं सब्जियां
थोक बाजार में इन दिनों फल और सब्जियां के दाम गिरते जा रहे हैं, लेकिन खुदरा बाजार में मुनाफाखोरी के चलते आम लोगों को यह महंगे ही मिल रहे हैं। इस पर शासन या प्रशासन का कोई अंकुश नहीं है।
सिकंदरा मंडी के फल कारोबारी प्रेम सिंह का कहना है कि केला, संतरा, किन्नू, पपीता, मौसमी, अंगूर जैसे फलों के मूल्य इस समय कम हैं। लेकिन, होली के दौरान मांग बढ़ने से थोड़ा बहुत इजाफा हो सकता है। सब्जी विक्रेता शकील का कहना है कि 20 दिन के अंतराल में सब्जियों के दाम उतरते जा रहे हैं। आगे आवक बढ़ने से कीमतें और कम होंगी।
सब्जियों की कीमत
थोक खुदरा
आलू 11-13 20-30
प्याज 23-25 35-40
मटर 15-18 30-40
टमाटर 12-14 25-30
करेला 35-40 65-70
पालक 2-5 10-15
फूलगोभी 7-9 15-25
पत्तागोभी 5-6 14-22
थोक खुदरा
आलू 11-13 20-30
प्याज 23-25 35-40
मटर 15-18 30-40
टमाटर 12-14 25-30
करेला 35-40 65-70
पालक 2-5 10-15
फूलगोभी 7-9 15-25
पत्तागोभी 5-6 14-22