Zomato IPO: 14 जुलाई को खुलेगा जोमैटो का आईपीओ, 72 से 76 रुपये में मिलेगा शेयर
जोमैटो का आईपीओ 14 जुलाई को खुल रहा है और यह 16 जुलाई को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड 72 से 76 रुपये रखा गया है।
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साल 2020 में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार गुलजार रहा। तरलता की बेहतर स्थिति तथा निवेशकों की उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के चलते कंपनियों ने पिछले साल आईपीओ के जरिए करोड़ों रुपये जुटाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 2021 में भी आईपीओ बाजार मजबूत रहने की उम्मीद है। आईपीओ बाजार में हलचल अभी खत्म नहीं हुई है। कंपनियां इस साल भी आईपीओ लाने के लिए कतार में खड़ी हैं। डिलीवरी के अलावा अपने प्लेटफार्म पर विभिन्न रेस्टोरेंट के मेन्यू उपलब्ध कराने वाली कंपनी जोमैटो का आईपीओ 14 जुलाई को खुल रहा है और यह 16 जुलाई को बंद होगा। बाजार के सूत्रों के अनुसार यह 27 जुलाई को सूचीबद्ध हो सकता है।
72 से 76 रुपये है प्राइस बैंड
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी गई जानकारी के अनुसार, इसका प्राइस बैंड 72 से 76 रुपये रखा गया है। इसके लिए लॉट साइज 195 शेयरों का होगा। इस तरह आपको आईपीओ में निवेश के लिए करीब 15000 रुपये की रकम अपने खाते में तैयार रखनी होगी।
9,375 करोड़ रुपये जुटा सकती है कंपनी
कंपनी को आईपीओ से करीब 9,375 करोड़ रुपये जुटा सकती है। इसके तहत 9,000 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि इंफो एज (इंडिया) लिमिटेड द्वारा 375 करोड़ रुपये की बिक्री पेशकश की जाएगी। संस्थागत निवेशकों के बीच भारी मांग को देखते हुए कंपनी ने अपने आईपीओ का आकार बढ़ाया है। कंपनी का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दोनों पर सूचाबद्ध होगा।
इतनी हो सकती है वैल्यूएशन
जोमैटो ने अप्रैल में सेबी के समक्ष आईपीओ के लिए आवेदन दाखिल किया था। सूत्रों के मुताबिक कंपनी को उम्मीद है कि सूचीबद्धता के बाद उसकी वैल्यूएशन आठ से 10 अरब डॉलर यानी 60 हजार से 75 हजार करोड़ तक पहुंच सकती है। जोमैटो का कहना है कि आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी के बिजनेस बढ़ाने के लिए किया जाएगा। मालूम हो कि वित्त वर्ष 2020 में जोमैटो का रेवेन्यू दोगुना होकर 394 मिलियन डॉलर (2960 करोड़ रुपये) पहुंच गया था।
क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। आईपीओ में पैसा लगाकर निवेशक अच्छे पैसे कमा सकते हैं। पिछले साल कंपनियों ने प्राइमरी मार्केट से 31,000 करोड़ रुपये जुटाए। कुल 16 आईपीओ लॉन्च हुए, जिनमें से 15 की लॉन्चिंग दूसरी छमाही में हुई थी। 2019 के पूरे साल में 16 आईपीओ के जरिए 12,362 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। 2018 में 24 कंपनियों ने आईपीओ से 30,959 करोड़ रुपये जुटाए थे। दरअसल, कोरोना वायरस महामारी घरेलू शेयर बाजार उबरने लगे हैं। इसे देखते हुए कंपनियां लगातार आईपीओ लॉन्च कर रही हैं।