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कोरोना काल में अगर आप भी कर रहे हैं घर से काम, तो ज्यादा टैक्स देने के लिए रहिए तैयार
Mon, 17 Aug 2020 12:45 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Mon, 17 Aug 2020 12:45 PM IST
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महंगा पड़ सकता है वर्क फ्रॉम होम
- फोटो : pixabay
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कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगभग सभी कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं। लेकिन घर से काम करना आपके लिए महंगा पड़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हो सकता है कि जो लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं, उनके लिए कन्वेंस अलाउंस अब टैक्स फ्री ना रहे।
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जब कन्वेंस अलाउंस रीइंबर्समेंट की तरह ऑफर किया जाता है, तो इसपर टैक्स नहीं लगता। लेकिन अब घर से काम करने की स्थिति में ये आय अब टैक्सेबल इनकम के दायरे में आ सकती है। सिर्फ कन्वेंस अलाउंस ही नहीं, बल्कि इस दौरान वैकेशन और लीव ट्रैवल अलाउंस भी क्लेम नहीं किया जा सकेगा।
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इसके अतिरिक्त अगर आपने अपना किराए का घर छोड़ दिया है और परिवार के साथ अपने स्थायी घर से काम कर रहे हैं, तो आपको हाउस रेंट अलाउंस पर भी टैक्स छूट नहीं मिलेगी। ऐसे में संभव है कि आपको एचआरए पर टैक्स देना पड़े।
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अगर आपकी कंपनी भी आपको घर से काम करने के लिए अलाउंस दे रही है और आपसे कोई सवाल नहीं पूछती कि आप उसे कहां खर्च कर रहे हैं, या आपसे खर्च का सबूत भी नहीं मांगती, तो इस पर भी आपको टैक्स चुकाना पड़ सकता है।
यह कैसे काम करता है?
अगर किसी कर्मचारी का सीटीसी 10 लाख रुपये है, जिसमें एचआरए, कन्वेंस, एलटीए और कम्युनिकेशन रीइंबर्समेंट शामिल है और उसने किराए का परिसर खाली कर दिया है, तो वित्त वर्ष 2020-21 के अंत तक घर से काम करने की स्थिति में उसे 60 फीसदी अधिक आयकर देना पड़ सकता है।
इस संदर्भ में एक वकील और टैक्स सलाहकार वैथीस्वर्ण ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि, 'कर्मचारियों को जरूरी अलाउंस देने के लिए पर्सनल टैक्स कानून में बदलाव की जरूरत है। जैसे कन्वेंस के पैसे कर्मचारियों को घर पर ऑफिस बनाने और आईटी व कम्युनिकेशन आदि के लिए दिए जा सकते हैं।'