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पैन और ई-फाइलिंग खाते के बिना नहीं मिलेगा ई-मूल्यांकन का फायदा

Fri, 27 Sep 2019 08:51 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Fri, 27 Sep 2019 08:51 PM IST
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without pan and e-filing account taxpayers will not get facility of electronic assessment, says cbdt
आयकर विभाग (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

ऐसे करदाता जिनके पास ई-फाइलिंग खाता या पैन नहीं है, उन्हें अगले महीने पेश होने जा रही ई-मूल्यांकन सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा आयकर छापेमारी और ‘असामान्य परिस्थितियों’ के अंतर्गत आने वाले मामले भी आठ अक्तूबर से पेश होने जा रही फेसलेस मूल्यांकन प्रणाली के दायरे में नहीं होंगे। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इससे संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए।

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आयकर विभाग के लिए नीतियां बनाने वाले सीबीडीटी ने एक सर्कुलर के माध्यम से कहा कि पेपर के माध्यम से आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने वाले, ई-फाइलिंग खाता नहीं रखने वाले और बिना पैन (स्थायी खाता संख्या) की श्रेणी, प्रशासनिक दिक्कतों, असामान्य परिस्थितियों में आने वाले मामलों को नई व्यवस्था में अपवाद माना जाएगा। इसके अलावा तलाशी या छापेमारी, पुरानी जांच से जुड़े मामलों को भी इस नई सुविधा का फायदा नहीं मिलेगा।
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सीबीडीटी ने कहा कि ई-मूल्यांकन प्रणाली से जुड़े आयकरदाताओं को आकलन अधिकारी (एओ) द्वारा भेजे गए किसी नोटिस, पत्र या कारण बताओ नोटिस पर विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर अपने ई-फाइलिंग खाते के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिकली अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे और प्रमाण पेश कर सकेंगे।
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इसमें कहा गया कि ई-मूल्यांकन के मामलों में ऐसे भी मामले हो सकते हैं जहां करदाता की ‘व्यक्तिगत सुनवाई या उपस्थिति’ की जरूरत हो। ऐसे भी मामले होंगे, जहां बहीखातों की जांच की गई हो, जहां कर विभाग ने आयकर कानून की धारा 131 (खोज, सबूत तलाशन के अधिकार), जहां गवाह की जांच की जानी हो और जहां कारण बताओ नोटिस पर व्यक्तिगत सुनवाई के द्वारा प्रतिकूल राय सामने आती है।

हर नोटिस को मिलेगी पहचान

सीबीडीटी के सर्कुलर के मुताबिक, ‘यह भी निर्देश दिया गया है कि दस्तावेजों की सावधानी से जांच के बाद ही ई-कार्यवाही के तहत ही मामले लिए जाने चाहिए।’ सर्कुलर में बताया गया कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हाल में की गई पहल के मताबिक, करदाताओं को भेजे जाने वाले सभी ई-मूल्यांकन संवाद और नोटिसों में एक दस्तावेज पहचान संख्या (डीआईएन) होना चाहिए।

दिल्ली में बना ई-मूल्यांकन केंद्र

केंद्र सरकार की आयकरदाताओं के लिए फेसलेस और नेमलेस मूल्यांकन पेश करने की योजना के तहत हाल में दिल्ली में एक राष्ट्रीय ई-मूल्यांकन केंद्र (एनईएसी) की स्थापना की गई है। पूर्व में जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, एनईएसी आकलन के लिए मामला चुने जाने के लिए करदाता को नोटिस भेजेगा और 15 दिन के भीतर जवाब मिलने के बाद केंद्र मामले को अपनी स्वचालित प्रणाली के माध्यम से एक मूल्यांकन अधिकारी को सौंप देगा।

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