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बंपर कमाई का मौका: निवेशकों को इन पांच दिग्गज कंपनियों के आईपीओ का इंतजार
Thu, 01 Jul 2021 03:47 PM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Thu, 01 Jul 2021 03:47 PM IST
सार
निरमा समूह की कंपनी नुवोको विस्टाज कॉरपोरेशन लिमिटेड, एथनिक रिटेलर कंपनी फैब इंडिया, भारत का शीर्ष ऑनलाइन वुमेन सेंट्रिक प्लेटफॉर्म नायका, जोमैटो और पेटीएम जल्द ही आईपीओ पेश कर सकती हैं।
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आईपीओ
- फोटो : pixabay
विस्तार
साल 2020 में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बाजार गुलजार रहा। तरलता की बेहतर स्थिति तथा निवेशकों की उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के चलते कंपनियों ने पिछले साल आईपीओ के जरिए करोड़ों रुपये जुटाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 2021 में भी आईपीओ बाजार मजबूत रहने की उम्मीद है। आईपीओ बाजार में हलचल अभी खत्म नहीं हुई है। कंपनियां इस साल भी आईपीओ लाने के लिए कतार में खड़ी हैं। आने वाले महीनों में कई जानी-मानी कंपनियां अपना आईपीओ ला सकती हैं।
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निरमा समूह की कंपनी नुवोको विस्टाज कॉरपोरेशन लिमिटेड, एथनिक रिटेलर कंपनी फैब इंडिया, भारत का शीर्ष ऑनलाइन वुमेन सेंट्रिक प्लेटफॉर्म नायका, जोमैटो और पेटीएम जल्द ही आईपीओ पेश कर सकती हैं।
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नुवोको
नुवोको ने शेयर की प्रारंभिक सार्वजिनक बिक्री (आईपीओ) के जरिए 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की अनुमति के लिए नियामक सेबी के पास डीआरएचपी फाइल किया है। मसौदे के अनुसार, कंपनी प्राथमिक बाजार में इस निर्गम (आईपीओ) में 1,500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी। इसके साथ ही प्रवर्तक कंपनी नियोगी एंटरप्राइज द्वारा शेयर बाजार 3,500 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव शामिल है। नुवोको विस्टाज सीमेंट निर्माता कंपनी है और उसकी कुल उत्पादन क्षमता 2.232 करोड़ टन सालाना है। कंपनी के 11 सीमेंट संयंत्रों में पांच एकीकृत इकाइयां, पांच ग्राइंडिंग इकाइयां और एक ब्लेडिंग इकाई शामिल हैं।
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फैब इंडिया
2021 के अंत तक फैब इंडिया शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो सकती है। कंपनी इसके जरिए करीब तीन हजार करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रही है। कंपनी की वैल्यूएशन 1.5 से दो अरब डॉलर के बीच संभव है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, निजी इक्विटी फर्म प्रेमजीइन्वेस्ट कंपनी में अपनी पूरी 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। मौजूदा समय में फैब इंडिया के भारत में 118 शहरों में 311 स्टोर हैं। वित्त वर्ष 2020 में कंपनी का नेट सेल बढ़ा था लेकिन नेट मुनाफे में गिरावट देखी गई थी।
नायका
ब्यूटी रिटेलर कंपनी नायका शेयर बाजारों में 4.5 अरब डॉलर वैल्युशन के साथ सूचीबद्ध हो सकती है। महामारी के दौरान ऑनलाइन बिक्री से नायका को फायदा हुआ है। नायका इसी वित्त वर्ष में अपना आईपीओ लाने वाली है। नायका के आईपीओ का आकार 400 से 500 करोड़ के बीच हो सकता है। कंपनी के वैल्यूएशन में बड़े उछाल की वजह कोविड के कारण ऑनलाइन खरीद की तरफ बढ़ा रुझान है।
जोमैटो
डिलीवरी के अलावा अपने प्लेटफार्म पर विभिन्न रेस्टोरेंट के मेन्यू उपलब्ध कराने वाली कंपनी सितंबर में करीब 8250 करोड़ का आईपीओ पेश कर सकती है। जोमैटो का कहना है कि आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी के बिजनेस बढ़ाने के लिए किया जाएगा। इसके वर्तमान निवेशकों में अलीबाबा की एंट फाइनेंशियल, टाइगर ग्लोबल, इंफो एज शामिल हैं। कंपनी वर्तमान में 24 देशों के करीब 10,000 शहरों में अपनी सेवा दे रही है।
पेटीएम
पेटीएम के बोर्ड ने इस साल अक्तूबर-दिसंबर की तिमाही में आईपीओ के जरिए करीब 22,000 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है। अगर कंपनी अपनी योजना के अनुरूप लक्ष्य हासिल करने में सफल रहती है तो यह देश में सबसे बड़े आईपीओ में से एक हो सकता है। पेटीएम के शेयरधारकों में अलीबाबा का ऐंट ग्रुप (29.71 फीसदी), सॉफ्टबैंक विजन फंड (19.63 फीसदी), सैफ पार्टनर्स (18.56 फीसदी), विजय शेखर शर्मा (14.67 फीसदी) के हिस्सेदार हैं। एजीएच होल्डिंग, टी रोव प्राइस एवं डिस्कवरी कैपिटल और बर्कशायर हाथवे के पास कंपनी में कुल मिला कर 10 फीसदी से कम हिस्सेदारी है।
क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। आईपीओ में पैसा लगाकर निवेशक अच्छे पैसे कमा सकते हैं। पिछले साल कंपनियों ने प्राइमरी मार्केट से 31,000 करोड़ रुपये जुटाए। कुल 16 आईपीओ लॉन्च हुए, जिनमें से 15 की लॉन्चिंग दूसरी छमाही में हुई थी। 2019 के पूरे साल में 16 आईपीओ के जरिए 12,362 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। 2018 में 24 कंपनियों ने आईपीओ से 30,959 करोड़ रुपये जुटाए थे। दरअसल, कोरोना वायरस महामारी घरेलू शेयर बाजार उबरने लगे हैं। इसे देखते हुए कंपनियां लगातार आईपीओ लॉन्च कर रही हैं।