बैलेंस ट्रांसफर का उठाएंगे लाभ, तो त्योहारों में क्रेडिट कार्ड के बिल से नहीं होंगे परेशान
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त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को बाजार तक लाने और उनका खर्च घटाने के लिए कंपनियों के अलावा बैंक भी कई तरह के ऑफर दे रहे हैं। बाजार को त्योहारों का इंतजार रहता है। अधिकतर लोग किसी बड़ी खरीदारी या नई शुरुआत के लिए त्योहारों के शुभ अवसर का इंतजार करते हैं। फेस्टिव सीजन में लोग नया घर, कार, ज्वेलरी और अन्य जरूरत का सामान खरीदने लगते हैं, लेकिन कई बार पैसे की तंगी से खरीदारी नहीं कर पाते। बढ़ते खर्च की वजह से लोग क्रेडिट कार्ड और लोन लेने के लिए प्रोत्साहित हो जाते हैं। लेकिन इस सबके बीच क्रेडिट कार्ड और लोन से जुड़ी कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बातें हैं, जिन्हें लोग नजरअंदाज कर देते हैं और बाद में जब ईएमआई के भुगतान का समय आता है, तब उन्हें पछतावा होता है।
क्रेडिट कार्ड के फीचर्स की लें पूरी जानकारी
ऐसे में कोई भी क्रेडिट कार्ड लेने से पहले आपको उसके फीचर्स, जैसे कि कैशबैक और रिवॉर्ड प्वाइंट्स के बारे में पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए। इससे आपको पता चल जाएगा कि आपने जो क्रेडिट कार्ड लिया है, वो आपके लिए कितना लाभदायक साबिक हो सकता है।
बैलेंस ट्रांसफर से बचेगा ब्याज
भारत में कई ऐसी ई-कॉमर्स कंपनियां है जो क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर ग्राहकों को कैशबैक देती हैं। इसलिए इस दौरान क्रेडिट कार्ड से खरीदारी अक्सर बढ़ जाती है और उसका बिल भी काफी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति के लिए बैलेंस ट्रांसफर लाभदायक साबित हो सकता है, बशर्ते ग्राहकों को समय पर पूरी रकम का भुगतान करना होता है। बैलेंस ट्रांसफर से आप ज्यादा ब्याज देने से बच सकते हैं। कई ऐसे बैंक हैं, जो ग्राहकों द्वारा दूसरे बैंक के क्रेडिट कार्ड की बकाया रकम ट्रांसफर करने पर उनसे कुछ महीनों (जैसे छह महीनों) तक ब्याज नहीं लेते। ये ग्राहकों के लिए बड़ी राहत है। हालांकि, इसके लिए ग्राहकों को प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करना पड़ता है।
इन बातों का रखें ध्यान
छह महीनों तक ग्राहक कर्ज चुकाने के लिए पूरी रकम जुटा सकते हैं। हालांकि क्रेडिट कार्ड लेने से पहले आपको एक महत्वपूर्ण जानकारी ले लेनी चाहिए। कुछ क्रेडिट कार्ड्स में छह महीने से पहले बैलेंस ट्रांसफर की सुविधा नहीं होती है। आमतौर पर बैलेंस ट्रांसफर की सुविधा बची हुई, क्रेडिट लिमिट के 75 फीसदी हिस्से पर ही मिलती है।
ऐसे काम करता है बैलेंस ट्रांसफर
जब आप बैलेंस ट्रांसफर के लिए आवेदन देते हैं, तो नया बैंक आपको उस बैंक के नाम एक चेक भेजता है, जिसके क्रेडिट कार्ड की देनदारी आप पर है। इस चेक से आप बैंक में अपना बकाया चुका सकते हैं। इस तरह आपकी देनदारी नए बैंक के प्रति हो जाती है।