इस योजना में मिलेगा सबसे ज्यादा ब्याज
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हाल ही में पेश किए गए बजट में सुकन्या योजना को टैक्स फ्री कर दिया गया है। सुकन्या योजना में निवेश की गई राशि 80 सी के तहत पहले से ही टैक्स फ्री थी, लेकिन इस बजट में इससे मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम को भी टैक्स फ्री कर दिया गया है।
सुकन्या योजना और पीपीएफ दोनों की रकम, ब्याज और मैच्योरिटी से मिली रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता। आपको बता दें कि सुकन्या योजना में खाताधारकों को 9.1 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज दिया जाता है, जबकि पीपीएफ पर सिर्फ 8.75 प्रतिशत का ब्याज मिलता है।
इस तरह सुकन्या योजना के तहत पीपीएफ से 0.35 प्रतिशत अधिक ब्याज मिल सकता है। सुकन्या योजना के तहत 0 से 10 साल की कन्याओं के खाते खोले जा सकते हैं, जिसके लिए न्यूनतम 1000 रुपए जमा करने होते हैं।
14 साल तक देने होंगे पैसे
इस योजना के तहत अभिभावकों को कम से कम एक हजार रुपया प्रतिमाह 14 वर्ष तक जमा करना होगा। 21 वर्ष के बाद खाता परिपक्व होने पर उन्हें 6,41,092 रुपए की धनराशि वापस मिलेगी
इस तरह से 14 साल में इस खाते में 1.68 लाख रुपए जमा होंगे, लेकिन 21 साल की अवधि पूरी होते ही आपको 6,41,092 रुपए वापस मिलेंगे, जो कुल जमा का करीब चार गुना होता है।
बेटी ही निकाल सकेगी पैसे
बेटी की उम्र 18 साल पूरी होते ही इस खाते में से आधी रकम और 21 साल पूरे होने पर पूरी रकम निकाली जा सकती है। हालांकि, इस योजना के तहत खोले गए खाते में जमा धनराशि अभिभावक नहीं निकाल पाएंगे।
इसके पैसे सिर्फ बेटी ही निकाल सकती है और वो भी 18 साल पूरे होने के बाद। इसके लिए अभिभावक को लिखकर देना होगा कि बेटी की शादी या फिर शिक्षा के लिए पैसे निकाले जा रहे हैं।
डाकघर से भी कर सकते हैं आवेदन
इस योजना के तहत कम से कम 1000 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं। इससे मिलने वाली धनराशि बेटियों की शादी में काम आ सकती है।
सुकन्या योजना के लिए आवेदन करने के लिए डाकघर या किसी कमर्शियल बैंक से आवेदन पत्र लेकर उसे भरें। आवेदन पत्र के साथ कन्या का जन्म प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है। इसके साथ ही पिता या मां का पहचान पत्र भी होना जरूरी है।