अगर आप भी भरते हैं टैक्स, तो जान लें ये भी
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बड़े कर दाताओं के आय कर रिफंड अटकने की खबरें तो आती रहती हैं, लेकिन इस वर्ष छोटे कर दाताओं के रिफंड भी अटक रहे हैं।
राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने के चक्कर में आलम यह है कि हजार-दो हजार रुपये के रिफंड लेने वालों को भी चक्कर लगवाया जा रहा है और उन्हें नसीहत दी जा रही है कि मार्च के बाद आना।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस साल प्रत्यक्ष कर के मद में वैसी वसूली नहीं हो रही है, जिसका अनुमान था। ऐसे में उन तमाम उपायों पर अमल किया जा रहा है, जिससे रकम बड़ी दिखे।
महज 1200 रुपए के लिए चक्कर
राष्ट्रीय राजधानी में आयकर विभाग के सिविक सेंटर स्थित दफ्तर के बाहर अमर उजाला की मुलाकात सहदेव बहादुर से हुई, जो महज 1,200 रुपये के रिफंड के लिए पिछले पिछले तीन सप्ताह से चक्कर काट रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले तो कभी कहा जाता था कि चेक की कॉपी लाओ तो एड्रेस प्रूफ लाओ। अब सब कुछ जमा हो गया तो बाबू ने बोल दिया गया कि झंडेवालान से ऑर्डर नहीं आने की वजह से रिफंड रोक दिया गया है। मार्च के बाद आना, तब मिलेगा रिफंड।
अक्तूबर के बाद बड़े रिफंड नहीं दिए जाते
अधिकारी बताते हैं कि रिफंड का भुगतान रोकने के लिए विभाग की तरफ से कोई आदेश या परिपत्र जारी नहीं किया जाता है, लेकिन राजस्व वसूली अधिक दिखाने के लिए धीमा चलने की बात कोई नई नहीं है।
आमतौर पर अक्तूबर के बाद बड़ी रकम के रिफंड नहीं दिए जाते हैं। इस साल भी देश भर में यही हो रहा है। लेकिन पहले छोटे कर दाताओं के रिफंड को नहीं रोका जाता था। चालू वित्त वर्ष में इस तरह की घटना भी सामने आने लगी है।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सरकार में मौखिक रूप से कोई काम नहीं होता है।