निवेश के मंत्र 27: हाइब्रिड फंड क्या होते हैं, क्या इन फंड में निवेश करना चाहिए?
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- म्यूचुअल फंड की तीन श्रेणी- इक्विटी, डेट और हाइब्रिड फंड
- हाइब्रिड फंड में इक्विटी और डेट दोनों का मिश्रण होता है
- अपने वेतन का 20-30 फीसद हिस्सा निवेश जरूर करें
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विस्तार
आज के समय में निवेश को एक आदत बनाना जरूरी है। बड़े जानकार यही सलाह देते हैं अपने खर्चों की सूची पहले बनाकर निवेश के लिए राशि अलग से जरूर निकालें। हालांकि ऐसा कहा जाता है कि निवेश के लिए कभी बचाया नहीं जाता बल्कि वेतन आने पर ही 20 से 30 फीसद हिस्सा निवेश किया जाता है।
निवेशकों के पास निवेश के लिए कई विकल्प हैं। निवेशक इक्विटी, डेट या हाइब्रिड फंड में निवेश कर सकते हैं लेकिन इनमें भी कई सारी कैटेगरी है, इसलिए निवेशक के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि कौन-सी स्कीम में निवेश करना अच्छा रहेगा।
हालांकि निवेशकों को हमेशा यही सलाह रहेगी कि वो निवेश करने से पहले किसी फाइनेंशियल प्लानर से जरूर सलाह लें और अपने लक्ष्य के मुताबिक निवेश की राशि जुटाएं। म्यूचुअल फंड की तीनों श्रेणी में आज हाइब्रिड फंड की बात करेंगे। क्या होते हैं हाइब्रिड फंड और क्यों करें इन फंड में निवेश?
क्या होते हैं हाइब्रिड फंड?
हाइब्रिड फंड के नाम से ही समझा जा सकता है कि यह एक ऐसा फंड है जो मिश्रण से बना है। हाइब्रिड फंड, इक्विटी और डेट फंड को मिलाकर बनाया गया है जिससे निवेश के उद्देश्य को आसानी से हासिल किया जा सके।
हर हाइब्रिड फंड में अलग अलग इक्विटी और डेट का मिश्रण होता है। ये निवेशक के लक्ष्यों पर आधारित होता है कि किसी निवेशक को कितने साल में कितना पैसा जुटाना है तो निवेशक उसी हाइब्रिड फंड में निवेश करेगा।
कैसे काम करता है हाइब्रिड फंड?
हाइब्रिड फंड में निवेश करना पोर्टफोलियो को संतुलन बनाकर रखता है और निवेशक को एक नियमित वेतन देने में मदद करता है। अगर लंबी अवधि में निवेश करना है तो इक्विटी के साथ साथ हाइब्रिड फंड में निवेश भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
निवेशक के लक्ष्य और निवेश की राशि के मुताबिक हाइब्रिड फंड स्कीम में निवेश किया जाता है। अगर निवेशक ज्यादा जोखिम ले सकता है तो उन हाइब्रिड फंड स्कीम में निवेश किया जाता है जहां इक्विटी का अनुपात ज्यादा होगा और वहीं अगर कम जोखिम के साथ निवेश करना है तो डेट फंड में ज्यादा अनुपात वाले हाइब्रिड फंड में निवेश किया जाएगा।
हाइब्रिड फंड में निवेश क्यों करें?
हाइब्रिड फंड डेट फंड से ज्यादा जोखिम वाले और इक्विटी फंड से ज्यादा सुरक्षित होते हैं। हालांकि इस फंड में दोनों इक्विटी और डेट दोनों का मिश्रण होता है। हाइब्रिड फंड डेट फंड से अच्छी रिटर्न देने में सक्षम है और निवेशकों को ज्यादा आकर्षित करते हैं। हाइब्रिड फंड तीन तरह के होते हैं...
इक्विटी ओरिएंटेड हाइब्रिड फंड
नाम से ही समझ आ रहा है कि इक्विटी ओरिएंटेड हाइब्रिड फंड अपनी एसेट का कुल हिस्सा 65 फीसद इक्विटी और बाजार में मौजूद इक्विटी संबंधित इंस्ट्रुमेंट में निवेश करता है। बाकी बचे 35 प्रतिशत हिस्सा डेट सिक्योरिटीज और मनी मार्केट में निवेश किया जाता है।
डेट ओरिएंटेड हाइब्रिड फंड
डेट ओरिएंटेड हाइब्रिड फंड अपनी कुल संपत्ति का 60 फीसद हिस्सा फिक्स्ड इनकम जैसे बॉन्ड्स, डेबेंचर्स और सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश करता है और बचा 40 फीसद हिस्सा इक्विटी में निवेश किया जाता है। हाइब्रिड फंड के कुछ फंड लिक्विड फंड में अपना थोड़ा कॉर्पस निवेश करते हैं।
बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड
बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड में संपत्ति का कुल 65 फीसद हिस्सा इक्विटी और इक्विटी संबंधित इंस्ट्रुमेंट में निवेश किया जाता है। टैक्सेशन के लिए इन्हें इक्विटी फंड में गिना जाता है और लंबी अवधि के लिए एक लाख रुपये तक की टैक्स छूट का लाभ मिलता है।
मंथली इनकम प्लान
मंथली इनकम प्लान एक तरह के हाइब्रिड फंड होते हैं जो फिक्स्ड इनकम में निवेश करते हैं और अपने कॉर्पस का एक छोटा सा हिस्सा इक्विटी और इक्विटी संबंधी इंस्ट्रुमेंट में निवेश करते हैं। ये प्लान डेट फंड से अच्छा रिटर्न देता है और निवेशक को एक नियमित वेतन के तौर पर राशि उपलब्ध कराता है।
आर्बिट्राज फंड
आर्बिट्राज फंड एक बाजार में सस्ती कीमत पर स्टॉक खरीदते हैं और दूसरे बाजार पर ऊंचे दाम पर बेच देते हैं। फंड मैनेजर लगातार आर्बिट्राज यानि कि विदेशी मुद्रा की खरीद-बिक्री जैसे मौकों पर नजर बनाए रखते हैं और फंड की रिटर्न ज्यादा करते हैं। आर्बिट्राज फंड डेट फंड की तरह सुरक्षित होते हैं, हालांकि यहां निवेश करने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन लगता है।