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SBI का दावाः छोटे करेंसी नोट्स की मांग है ज्यादा, इसी वजह से हुई नकदी की कमी

Thu, 19 Apr 2018 02:58 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 19 Apr 2018 02:58 PM IST
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sbi research report says big notes responsible for cash crunch
atm

11 राज्यों में कैश की किल्लत होने की बड़ी वजह सामने निकलकर आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि लोगों में छोटे नोटों की डिमांड ज्यादा होने से एटीएम खाली हो गए हैं। 

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नकदी में 70 हजार करोड़ की कमी
रिपोर्ट में कहा गया है देश डिजिटल और कैश ट्रांजेक्शन को लेकर के गलत अनुमान लगाया गया था,जिसकी वजह से यह संकट पैदा हुआ। यह राशि देशभर के एटीएम से महीने भर में निकाली जाने वाली रकम के एक तिहाई हिस्से के बराबर है।
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मार्च में सिस्टम में 19.4 लाख करोड़ की नकदी होनी चाहिए, लेकिन 17.5 लाख करोड़ की नकदी ही मौजूद थी। यानी नकदी की जरूरत और उपलब्धता में 1.9 लाख करोड़ रुपये का अंतर रहा। वहीं, इस दौरान डिजिटल लेनदेन में खासी कमी दर्ज की गई। 
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एटीएम से निकाली गई ज्यादा राशि
डिजिटल ट्रांजेक्शन में कमी होने की वजह से लोगों ने दूसरी छमाही में कैश से ज्यादा लेन-देन किया। जबकि पहली छमाही में डिजिटल ट्रांजेक्शन ज्यादा किए गए थे। अक्टूबर 2017 से मार्च 2018 के बीच डेबिट कार्ड्स से 15,291 अरब रुपये निकाले गए।

यह पिछली छमाही में निकाली गई राशि की तुलना में 12.2% अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार देश में इस समय नकदी का स्तर 17.84 लाख करोड़ है। यह नोटबंदी के समय के स्तर से अधिक है। 


बड़े नोटों को लेने में दिक्कत
2000 रुपये के बड़े नोट एटीएम में निकलने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ऐसी हालत में लोगों ने 500, 200, 100, 50 के नोटों पर अपनी निर्भरता ज्यादा कर दी कई बैंकों के एटीएम में 200 रु. के नोटों के आकार के हिसाब से बदलाव न होने से भी लोग एटीएम में 500 का नोट लेने की सोचते थे। एटीएम में भी 2 हजार का नोट न के बराबर निकल रहा है, वहीं 500 और 100 के नोटों की संख्या को काफी बढ़ा दिया गया है। 

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