रेपो रेट में कटौती से जमा खातों की ब्याज दर पर पड़ेगी मार, इन पर पड़ेगा असर
रिजर्व बैंक के ब्याज दर में कटौती से लोन लेने वालों को भले ही राहत मिलने के आसार हैं, लेकिन इससे बैंकों और डाकघर में मियादी जमा पर ब्याज दर में कटौती हो सकती है। इस वजह से ब्याज की आमदनी पर निर्भर लोगों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों को नुकसान होगा। इस फैसले से वैसे लोगों को घाटा होगा, जो अपनी बचत की राशि को बैंक या डाकघर की जमा योजनाओं में लगाते हैं और उससे मिलने वाले ब्याज के सहारे अपना जीवन चलाने की योजना बना रहे हैं।
इएंडवाई के विश्लेषक अमितेश प्रसाद का कहना है कि रेपो रेट में कटौती का असर अब बैंक की ब्याज दरों पर शीघ्र ही दिखना शुरू हो जाएगा क्योंकि लगभग सभी बैंकों ने अपने सभी नए फ्लोटिंग रेट लोनों को बाहरी बेंचमार्क से लिंक कर दिया है। जाहिर है कि जब बैंक अपने लोन पर कम ब्याज दर ऑफर करेंगे तो जमाओं पर भी ब्याज दर में शीघ्र ही कटौती करेंगे।
पुराने जमाकर्ताओं पर असर नहीं
बजाज कैपिटल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विश्वजीत पराशर का कहना है कि रिजर्व बैंक के इस फैसले से पुराने बचतकर्ताओं पर कोई असर नहीं होगा। यदि किसी ने 9.50 फीसदी या नौ फीसदी वार्षिक ब्याज पर अपना पैसा रखा है तो उन्हें परिपक्वता अवधि तक उसी दर से ब्याज मिलता रहेगा। जो नए निवेशक अपना पैसा मियादी जमा में रखना चाहेंगे, उनके लिए ब्याज दर कम होगा। रिजर्व बैंक ने बीते फरवरी से अब तक ब्याज दरों में कुल मिलाकर 1.35 फीसदी की कटौती कर चुका है।