फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   rbi set to increase repo rate by 25 basis point

आरबीआई देगा महंगााई का झटका, ब्याज दरों में हो सकती है बढ़ोतरी

Fri, 05 Oct 2018 11:11 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 05 Oct 2018 11:11 AM IST
विज्ञापन
rbi set to increase repo rate by 25 basis point

पेट्रोल डीजल की कीमतों में पांच रुपये प्रति लीटर तक की कटौती के बाद आज भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) महंगाई का झटका दे सकता है। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल पर 2.50 रुपये और भाजपा शासित राज्यों ने 2.50 रुपये वैट में कटौती की थी।

विज्ञापन


आरबीआई तीन दिन से चल रही मौद्रिक समीक्षा बैठक के बाद रेपो रेट में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकता है। यह बढ़ोतरी महंगे होते कच्चे तेल और डॉलर के मुकाबले रुपये के लगातार कमजोर होने की वजह से होगी। 
विज्ञापन


लगातार दो बार बढ़ोतरी के बाद मौजूदा समय में रेपो रेट 6.50 फीसदी पर है। अगर रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी करता है तो बैंक भी ब्याज दरों में इजाफा कर देंगे। इससे सभी प्रकार के लोन की दर महंगी हो जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राजकिरण राय जी ने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में वृद्धि के मद्देनजर, महंगाई बढ़ने की पूरी उम्मीद है। इसलिए आरबीआई इसके असर से पहले ही कदम उठा सकता है। मुझे लगता है कि रेपो रेट में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी होगी। 

तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद महंगाई का आंकड़ा जुलाई के 4.17 फीसदी के मुकाबले अगस्त में 3.69 फीसदी पर रहा।

रुपये में गिरावट हो सकती है अहम वजह

rbi set to increase repo rate by 25 basis point

अगर आरबीआई रेपो रेट 25 आधार अंक बढ़ाती है, तो यह लगातार तीसरी बार दर में बढ़ोतरी होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट भी केंद्रीय बैंक को रेपो रेट बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगा। 

एचडीएफसी के वाइस चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी केकी मिस्त्री ने कहा कि इस वक्त रुपया जिस स्तर पर है, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि आरबीआई रेपो रेट में एक चौथाई आधार अंक की बढ़ोतरी करेगा। 

वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर डालें, तो रुपया कमजोर हुआ है और यह डॉलर के मुकाबले 73 के आसपास है। एसबीआई ने अपने शोध रिपोर्ट इकोरैप में कहा कि रुपये में गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई को नीतिगत दर में कम से कम 25 आधार अंक की बढ़ोतरी करनी चाहिए।

तटस्थ रुख में होगा बदलाव 

शोध रिपोर्ट के मुताबिक, हम रेपो रेट में 50 आधार अंक की बढ़ोतरी की बात खारिज करते हैं, क्योंकि इससे बाजार में अफरातफरी मच सकती है। हालांकि तटस्थ रुख में बदलाव की भी संभावना बनती है, क्योंकि लगातार तीन बार दर में बढ़ोतरी के साथ तटस्थ रुख आरबीआई के संदेश को परस्पर विरोधी बना सकता है। 

मॉर्गन स्टेनली ने एक रिपोर्ट में कहा कि उसे उम्मीद है कि आरबीआई अक्तूबर में मौद्रिक नीति समिति की बैठक के दौरान नीतिगत दर बढ़ा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल में उभरते बाजार (इमरजिंग मार्केट) में स्थिरता के बावजूद डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट की उम्मीद है, जिसका कारण एक स्थानीय वित्तीय कंपनी के हाल में डिफॉल्ट होने, तेल की कीमतें तथा राजकोषीय घाटा बढ़ने को लेकर चिंता है। 

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के डिफॉल्ट करने के कारण कॉरपोरेट स्प्रेड में बढ़ोतरी हुई है और घरेलू वित्तीय संस्थानों पर रिफाइनेंसिंग का दबाव बढ़ा है, वह भी ऐसे समय में जब हमारे अर्थशास्त्री को उम्मीद है कि आरबीआई अक्तूबर की बैठक में नीतिगत दर में बढ़ोतरी करेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed