रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती, बैंक 0.15% घटाएं तो 30 लाख के होम लोन की किस्त 288 रु. घटेगी
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रिजर्व बैंक ने गुरुवार को रेपो रेट 0.25% घटा दिया। अब यह 6% हो गई है। अगर बैंक कर्ज पर ब्याज दर 0.15% भी घटाएं तो 30 लाख रुपए के होम लोन की ईएमआई 288 रुपए कम हो जाएगी। 10 लाख रु. के कार लोन की किस्त 73 रुपए घटेगी।
इन लोन की ईएमआई पर पड़ेगा असर
जिन लोन की ईएमआई पर असर पड़ेगा उनमें होम, कार, पर्सनल, एजूकेशन लोन पर असर पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय अर्थव्यवस्था के जो हालात हैं, उसमें रेपो रेट की कटौती होना तय था।
दो दिन चली एमपीसी की बैठक
उल्लेखनीय है कि बैंकिंग क्षेत्र के नियामक रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति कमेटी -एमपीसी- की द्विमासिक समीक्षा बैठक बुधवार को शुरू हो चुकी है। इस पर आर्थिक जगत की इसलिए भी ज्यादा नजर है, क्योंकि यह चालू वित्त वर्ष की पहली समीक्षा बैठक है।
काबू में है महंगाई दर
आर्थिक विश्लेषकों की बात करें या फिर क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की, उनका कहना है कि इस समय महंगाई की दर काबू में है। साथ ही इस समय औद्योगिक उत्पादन की गति भी कुछ कुंद है। इसलिए यह ब्याज दर में कटौती के लिए उपयुक्त समय है।
इससे पहले, बीते फरवरी में रिजर्व बैंक ने रेपो दर में चौथाई फीसदी की कमी की थी जो कि पिछले डेढ़ साल में पहली कटौती थी। ज्ञातव्य है कि केंद्रीय बैंक द्वारा वाणिज्यिक बैंकों को अल्पावधि ऋण जिस ब्याज दर पर मुहैया करवाया जाता है उसे रेपो रेट कहते हैं। आरबीआई गवर्नर पहले ही शेयरधारकों, औद्योगिक निकायों, जमा संगठनों, बैंकर और एमएसएमई प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनका पक्ष ले चुके हैं।
इतनी कम होगी आपकी ईएमआई
होम लोन राशि--25 लाख रुपये
अवधि---20 साल
| कटौती से पहले | कटौती के बाद | |
| ब्याज दर | 8.75 फीसदी | 8.50 फीसदी |
| लोन ईएमआई | 21,696 रुपये | 20,093 रुपये |
| कुल ब्याज राशि | 28,02,264 | 27,06,939 |
| कुल लोन | 53,02,264 | 52,06,939 |
| बचत | 00000000 | 95,325 |
उद्योग संगठन पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष राजीव तलवार का कहना है कि रिजर्व बैँक के इस फैसले से बाजार में कर्ज मिलना सस्ता होगा जिसका दीर्घकालीन असर मांग बढ़ने से पड़ेगा। जब अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ेगी तो उद्योग जगत में उत्पादन बढ़ेगा और जब उत्पादन बढ़ेगा तो अर्थव्यवस्था की विकास दर तेज होगी।
उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ -सीआईआई- के अध्यक्ष राकेश भारती मित्तल का कहना है कि यह फैसला रिजर्व बैंक केउदार रूख का परिचायक है। यह सही दिशा में उठाया गया कदम है। इससे बैंकों से मिलने वाले लोन पर ब्याज दर में कमी होगी।ब्याज दर में कमी होने से बाजार में वस्तु एवं सेवाओं की मांग में बढ़ोतरी होगी। इससे दीर्घकाल में अर्थवयवस्था में निवेश केवातावरण में भी बेहतरी होगी।