Paytm IPO Effect: पेटीएम के निराशाजनक डेब्यू ने बढ़ाई कंपनियों की चिंता, जानें दूसरे आईपीओ पर क्या होगा इसका असर
Paytm IPO Effect on Other Companies: पेटीएम के आईपीओ का हश्र देखने के बाद दूसरी कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मोबिक्विक और ओयो द्वारा नियोजित आईपीओ की योजनाओं पर काले बादल मंडरा रहे हैं।
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देश की दिग्गज डिजिटल भुगतान सेवा प्रदान करने वाली कंपनी पेटीएम के आईपीओ का हश्र देखने के बाद दूसरी कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में पेटीएम की निराशाजनक शुरुआत के बाद मोबिक्विक और ओयो द्वारा नियोजित आईपीओ की योजनाओं पर काले बादल मंडरा रहे हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया कि निवेशकों को पेटीएम आईपीओ के मार्केट डेब्यू से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन उनकी उम्मीदें लिस्टिंग होने के साथ ही खत्म हो गईं। ऐसे में निवेशकों को पेटीएम को भूलने पेटीएम के जरिए हुए घाटे को भूलने में तकरीबन तीन से चार महीने लगेंगे।
छह विश्लेषकों ने तैयार की रिपोर्ट
मुंबई में एक ब्रोकरेज हाउस के संस्थापक का कहना है छह विश्लेषकों और बैंकरों ने पेटीएम की तरह इस क्षेत्र की अन्य कंपनियों के आईपीओ पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण किया है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय इतिहास में मार्केट डेब्यू के दौरान सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली डिजिटल भुगतान फर्म के आईपीओ का हश्र देखने के बाद दूसरी कंपनियों की भविष्य की पेशकशों पर असर पड़ने की पूरी संभावना है।
शुरुआती नौ महीने बहार, अंत में झटका
अकाउंटेंट ईवाई की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों ने 2021 के पहले नौ महीनों में शुरुआती शेयर बिक्री के जरिए 9.7 अरब डॉलर जुटाए हैं, जो पिछले दो दशकों की इसी अवधि की तुलना में सबसे ज्यादा है। लेकिन साल के अंत में अपना आईपीओ लाने की योजना बनाने वाले भुगतान सेवा कंपनी मोबिक्विक और होटल एग्रीगेटर ओयो को पेटीएम की स्थिति के संबंध में सवालों का सामना करना होगा। क्योंकि निवेशकों को पेटीएम ने बड़ा घाटा देते हुए उनकी उम्मीदों पर पानी फेरा है।
विश्लेषकों को सता रहा यह डर
अब विश्लेषकों को डर है कि बड़ी मांग वाले आईपीओ के आने से भी लिस्टिंग पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पेटीएम को मिली प्रतिक्रिया के बाद बाजार में स्पोक्स आ जाएंगे, यहां तक कि जिन लोगों ने बड़ी सदस्यता देखी है, उनके प्रीमियम में गिरावट देखी जाएगी।
सबसे बड़ा आईपीओ लाई थी पेटीएम
पेटीएम का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ था और इसके जरिए कंपनी की 18,300 करोड़ रुपये जुटाने की योजना थी। पेटीएम के आईपीओ का प्राइस बैंड 2080 रुपये से 2150 रुपये तक था। 18 नवंबर को शेयर बाजार में पेटीएम के शेयर लिस्टेड हो जाएंगे। लिस्टिंग के पहले दिन निवेशकों को भारी घाटा झेलना पड़ा था। लिस्ट होने के बाद साथ ही 2,150 रुपये के इश्यू प्राइस की तुलना में इसका शेयर पहले दिन 27 फीसदी टूटा और यह 1,560 रुपये पर आ गया था। यानी निवेशकों को आईपीओ इश्यू प्राइस की तुलना में 590 रुपये प्रति शेयर का घाटा हुआ है।
10 साल पहले शुरू हुई थी पेटीएम
पेटीएम की शुरुआत करीब 10 साल पहले हुई थी। उस वक्त कंपनी मोबाइल रिचार्ज प्लेटफॉर्म के रूप में जानी जाती थी। हालांकि, 2016 के दौरान देश में नोटबंदी के बाद पेटीएम कंपनी तेजी से बढ़ी। इसके बाद कंपनी ने बीमा व सोने की बिक्री, फिल्मों व फ्लाइट्स के टिकट और बैंक लेन-देन आदि क्षेत्रों में भी कदम रख दिया। पेटीएम पर 22 मिलियन व्यापारी सालाना लगभग 80 बिलियन डॉलर का लेन-देन करते हैं। इस प्लेटफार्म पर 337 मिलियन रजिस्टर्ड उपभोक्ता हैं।