नए साल में बदल जाएगा पैन कार्ड से जुड़ा ये नियम, कई लोगों को होगी परेशानी

Updated Thu, 24 Dec 2015 08:43 AM IST
pan card rule will be changed for purchasing gold from new year
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एक जनवरी से 2 लाख रुपये से अधिक की ज्वैलरी खरीदारी पर आपको अपना पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। पहले 5 लाख रुपये से अधिक राशि की ज्वैलरी खरीदारी पर पैन कार्ड देना अनिवार्य था।
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ज्वैलरी विक्रेताओं के मुताबिक  सरकार के इस नए नियम से उनकी बिक्री प्रभावित होगी और सोने की कालाबाजारी बढ़ेगी। संगठित ज्वैलरी क्षेत्र की ज्वैलरी बिक्री में कमी से कामगारों के रोजगार पर भी विपरीत असर पड़ सकता है। ज्वैलरी कारोबारी सरकार के इस नियम से गलत बिलिंग के साथ सरकार के राजस्व नुकसान की भी आशंका जाहिर कर रहे हैं।


जेम्स व ज्वैलरी कारोबारियों के मुताबिक देश में ज्वैलरी की 70 फीसदी बिक्री ग्रामीण व छोटे इलाकों में होती है जहां अधिकतर लोगों के पास पैन कार्ड नहीं होते हैं।

किसानों को सबसे अधिक परेशानी

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जेम्स व ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन (जीजेएफ) के निदेशक अशोक मीनावाला कहते हैं, अधिकतर किसानों के पास पैन कार्ड नहीं है, लेकिन ज्वैलरी की सबसे अधिक खरीदारी किसान करते हैं। 2 लाख रुपये में नाम मात्र की भी ज्वैलरी की खरीदारी नहीं हो सकती।

सरकार के इस नए नियम से लोग ज्वैलरी खरीदारी से कतराने लगेंगे। सरकार के नियम के मुताबिक जिनके पास पैन कार्ड नहीं है और वह दो लाख रुपये से अधिक की राशि की ज्वैलरी खरीद रहा है तो उसे फॉर्म 16 देना होगा।

जीजेएफ के मुताबिक गत 31 मार्च, 2015 तक भारत में करीब 22.3 करोड़ पैनकार्ड्स जारी किए गए हैं। ऐसे में पैन कार्ड नहीं रखने वाले 2 लाख रुपये से अधिक राशि की ज्वैलरी की खरीदारी नहीं कर पाएंगे।

सरकार को होगा राजस्व का नुकसान

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ज्वैलरी कारोबारी व जीजेएफ प्रशासनिक समिति के सदस्य डी.डी. कारेल कहते हैं, सरकार के नियम से सरकार को भी राजस्व का नुकसान होगा। दुकानदार दो लाख रुपये से कम की बिलिंग करेंगे ताकि उनके ग्राहकों को पैन कार्ड नहीं देना पड़े। इससे गलत परंपरा को बढ़ावा मिलेगा।

मानीवाल के मुताबिक भारत में जेम्स व ज्वैलरी का के कारोबार से 6 करोड़ लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़े हैं। सरकार के इस फैसले से जेम्स व ज्वैलरी क्षेत्र के संगठित कारोबार में कमी आएगी और संगठित ज्वैलरी कारोबारी भी गैर संगठित हो जाएंगे।

उन्होंने बताया कि संगठित ज्वैलरी कारोबारियों की संख्या मात्र 20 फीसदी है। ज्वैलरी कारोबारियों के मुताबिक बिक्री में कमी आने पर मैन्यूफैक्चरिंग प्रभावित होगा और इससे रोजगार पर भी असर पड़ेगा। ज्वैलरी कारोबारियों ने सरकार से 10 लाख रुपये से अधिक की ज्वैलरी खरीदारी पर पैन कार्ड को अनिवार्य बनाए जाने की मांग की है।
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