यहां FD पर मिलता है सरकारी बैंकों से भी ज्यादा रिटर्न, घाटे से बचने के लिए आप भी करें निवेश
सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने मंगलवार से एफडी की ब्याज दरों में भारी कटौती कर दी है। ऐसे में सावधि जमा (एफडी) पर ज्यादा ब्याज पाने के लिए ग्राहकों को निवेश के नए विकल्प तलाशने होंगे। बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर लघु वित्तीय बैंकों एफडी कराई जाए तो सरकारी बैंकों की तुलना में करीब 2.75 फीसदी तक ज्यादा ब्याज हासिल की जा सकती है।
हालांकि एफडी को सबसे सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कम ब्याज के कारण यह निवेश के लिहाज से ज्यादा आकर्षक विकल्प नहीं रही है।
सरकारी बैंकों की तरह ही सुरक्षित
लघु वित्तीय बैंक भी सरकारी बैंकों की तरह ही अपने ग्राहकों को सुरक्षा की गारंटी देते हैं। इन बैंकों में एफडी कराने वाले ग्राहकों को जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) के जमाकर्ता बीमा कार्यक्रम के तहत सुरक्षा प्रदान की जाती है। इस बीमा कार्यक्रम में प्रति ग्राहक, प्रति बैंक एक लाख रुपये तक का कवर मिलता है। सरकारी बैंकों में भी यह राशि समान है। ऐसे में दोनों ही बैंकों में एफडी कराना समान रूप से सुरक्षित है।
सरकारी बैंकों की एफडी दर
| बैंक | दर (तीन साल तक) |
| एसबीआई | 6.25 फीसदी |
| ओबीसी | 6.70 फीसदी |
| बीओबी | 6.45 फीसदी |
| केनरा | 6.50 फीसदी |
| बीओआई | 6.50 फीसदी |
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लघु वित्तीय बैंकों की एफडी दर
| बैंक | दर (तीन साल तक) |
| फिनकेयर | नौ फीसदी |
| इक्विटास | 8.30 फीसदी |
| जना | 8.50 फीसदी |
| सूर्योदय | 8.75 फीसदी |
| ईएएसएफ | आठ फीसदी |
ऐसे चुनें सही एफडी
- बैंक हर अवधि की एफडी पर अलग ब्याज दर देते हैं। निवेश के लक्ष्य को देखकर सही अवधि और ज्यादा ब्याज दर चुनें।
- पैसे लगाने से पहले बैंक की साख को परखें और क्रिसिल, इक्रा पर रेटिंग की जांच करें।
- भुगतान के तरीकों की जानकारी लें। बैंक संचयी एफडी में ब्याज दर का भुगतान परिपक्वता अवधि पर ही करते हैं। गैर संचयी एफडी पर ब्याज का भुगतान विकल्प के तहत तिमाही, छमाही या सालाना हो सकता है।
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