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वेज बिलः चार करोड़ लोगों को होगा फायदा, लागू हुआ एक समान सैलरी का फॉर्मूला

Thu, 27 Jul 2017 03:51 PM IST
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल
amarujala.com- Written By: अनंत पालीवाल Updated Thu, 27 Jul 2017 03:51 PM IST
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modi cabinet clears minimum wage bill to bring parity in salary
- फोटो : अमर उजाला

मोदी सरकार ने बुधवार को वेज बिल पर अपनी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट द्वारा इस बिल को मंजूरी दिए जाने के बाद अब संसद में इसे पेश किया जाएगा। संसद से मंजूरी मिलने के बाद वेज कानून बन जाएगा। इस प्रकार जीएसटी और नोटबंदी के बाद मोदी सरकार का यह तीसरा सबसे बढ़ा कदम है, जिससे 4 करोड़ों लोगों को लाभ मिलेगा।  

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पूरे देश में एक वेतन का सपना पूरा होने में ज्यादा दिन नहीं लगेंगे। इससे उन लोगों को फायदा मिलेगा, जो कि एक ही सेक्टर में नौकरी करते हैं, लेकिन हर व्यक्ति की तनख्वाह एक दूसरे से कम या फिर ज्यादा होती है।  
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नए कानून के लागू हो जाने के बाद सरकार फिलहाल चल रहे चार एक्ट खत्म कर देगी। ये एक्ट हैं, मिनिमम वेजेस एक्ट 1948, पेमेंट ऑफ वेजेस एक्ट 1936, पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 और समान पारितोषिक एक्ट 1976।
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इसके साथ ही सरकार अभी चल रहे 44 अन्य लेबर एक्ट को भी खत्म कर देगी। इससे कारोबारियों के लिए बिजनेस करना आसान हो जाएगी, वहीं मजदूरों को भी ज्यादा मजदूरी मिलने लगेगी। हर दो साल में मजदूरी की दरों में परिवर्तन किया जा सकेगा।

18 हजार सैलरी पाने वालों को भी मिलेगी राहत

modi cabinet clears minimum wage bill to bring parity in salary

श्रम मंत्रालय इस मानसून सत्र में 'वेज बिल' को सदन के पटल पर रखेगा, जो अगले माह से शुरू हो रहा है। इसके तहत सभी मजदूरों और फैक्ट्रियों के कामगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय की जाएगी।

इस बिल में 18 हजार से अधिक की मासिक आमदनी वाले मजदूरों को भी शामिल किया जाएगा, जो अबतक वेज बिल से बाहर थे। न्यूनतम वेतन कोड बिल के तहत तय न्यूनतम वेतन देना कानूनी तौर पर जरूरी हो गया है।

अब सभी इंडस्ट्रीज को न्यूनतम वेतन देना होगा। तय न्यूनतम वेतन क्या होगा ये केंद्र सरकार तय करेगी। नए बिल के तहत राज्य, केंद्र से कम न्यूनतम वेतन तय नहीं कर सकते। तय न्यूनतम वेतन सभी इंडस्ट्री पर लागू होगी।

बता दें कि अभी 51 तरह के रोजगार पर ही न्यूनतम वेतन कानून लागू है। ये बिल संसद के चालू मॉनसून सत्र में पेश किया जा सकता है। बता दें कि वेजेज कोड चार अलग-अलग कानूनों की जगह लेगा। इसके तहत हर 2 साल में न्यूनतम वेतन की समीक्षा की जाएगी।

श्रम मंत्रालय के सेक्रेटरी एम सत्यवती ने कहा कि उनका मंत्रालय मानसून सत्र में मजदूरों का भला करने वाले इस बिल को सदन में रखेगा। श्रम मंत्रालय के इस बिल को वित्तमंत्री अरुण जेटली पहले ही हरी झंडी दे चुके हैं। अब श्रम मंत्रालय इस बिल को यूनियन कैबिनेट द्वारा कानून मंत्रालय से पास कराने के क्रम में लगा हुआ है।

केंद्र सरकार इसको लागू करने के लिए संसद के मानसून सत्र में विधेयक लेकर आएगी। इससे पहले बुधवार को देर शाम हुई कैबिनेट की बैठक में इस विधेयक के मसौदे को हरी झंडी दी गई। इससे पहले 12 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला लिया जाना था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते यह बिल लटक गया था।   

खत्म होगी अलग-अलग मजदूरी की दर
संसद में इस बिल के पास हो जाने के बाद पूरे देश में मजदूरी की दर एक हो जाएगी। अभी कई राज्यों में मजदूरी दर एक समान नहीं है। केंद्र द्वारा मजदूरी की दर तय करने के बाद राज्य सरकारों को कम से कम इतना पैसा मजदूरों के लिए फिक्स करना होगा। 

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