सुविधा: त्योहारों पर आसानी से मिलेगा कर्ज, बैंक आज से लगाएंगे शिविर
- एसबीआई को सौंपी गई है बैठक की कमान
- सार्वजनिक क्षेत्र के कई बड़े बैंक होंगे शामिल
- पहले चरण में 250 जिलों में लगाए जाएंगे शिविर
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त्योहारी मौसम में आम नागरिकों को आसानी से ऋण दिलाने के लिए बृहस्पतिवार से कई सरकारी बैंक देश भर में शामियाना बैठक शुरू कर रहे हैं। एसबीआई की अगुवाई में हो रहे इस कार्यक्रम में निजी क्षेत्र के बैंकों को भी आमंत्रित किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले दिनों बैंकों को शिविर लगाकर कर्ज बांटने का निर्देश दिया था, जो दो चरणों में पूरा होना है।
एसबीआई के नई दिल्ली स्थानीय मुख्यालय के मुख्य महाप्रबंधक विजय रंजन ने बताया कि शामियाना बैठक का पहला चरण तीन अक्तूबर से सात अक्तूबर 2019 के बीच चलाया जाएगा, जबकि दूसरा चरण 21 से 25 अक्तूबर के बीच चलाया जाएगा। पहले चरण में देश के 250 जिलों का चयन किया गया है, जबकि दूसरे चरण में 150 जिलों में शिविर लगाए जाएंगे। इन जिलों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। वित्त मंत्री ने देशभर के कुल 400 जिलों में शामियाना बैठक करने की घोषणा की थी।
ग्राहक खुलवा सकेंगे नए खाते
रंजन ने बताया कि शामियाना बैठक में ग्राहकों को आवास ऋण, मोटर वाहन ऋण, कृषि ऋण, एमएसएमई ऋण, शिक्षा ऋण, वैयक्तिक ऋण आदि की सुविधा तो मिलेगी ही, बचत बैंक खाता और बुनियादी बचत खाता भी खोला जा सकेगा। इसके अलावा ग्राहकों को भीम एप डाउनलोड करने और उसके इस्तेमाल का तरीका भी बताया जाएगा। शिविर में लोगों को कर्ज की सैद्धांतिक मंजूरी दी जाएगी और बाद में बैंक जरूरी प्रक्रिया निपटाकर एक सप्ताह के भीतर कर्ज उपलब्ध करा देंगे।
एनबीएफसी और निजी बैंकों को भी बुलावा
वैसे तो शामियाना बैठक का आयोजन सरकारी क्षेत्र के बैंक कर रहे हैं, लेकिन इसमें गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, आवास वित्त कंपनी, माइक्रो फाइनेंस कंपनी, नाबार्ड और निजी क्षेत्र के बैंकों को भी आमंत्रित किया गया है। आयोजन में सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे और हर जिले में बैठक की जिम्मेदारी किसी एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को सौंपी गई है।
डिजिटल लेनदेन पर विशेष जोर रहेगा
रंजन का कहना है कि इस दौरान बैंक, वित्तीय समावेशन योजनाओं और डिजिटल भुगतान के बारे में ग्राहकों को जागरूक करेंगे। उन्हें बताया जाएगा कि बैंक जाकर लेनदेन करने के बजाय डिजिटल तरीके से या मोबाइल एप के जरिये ट्रांजेक्शन करना आसान तो है ही, सुरक्षित भी है। लिहाजा उन्हें डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।