यात्रा बीमा पर 90 दिन से पहले प्रीमियम नहीं ले सकेंगी कंपनियां, आज से लागू होंगे नए नियम
सफर को सुरक्षित बनाने के लिए यात्रा बीमा का चलन तेजी से बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए बीमा नियामक इरडा ने उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए नियमों में कई तरह के बदलाव किए हैं। इरडा ने यात्रा बीमा बेचने वाली जनरल और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को इस बाबत निर्देश जारी किया है।
यात्रा बीमा पर लागू होंगे यह नियम
बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने अपनी नई गाइडलाइन में कहा है कि घरेलू यात्रा बीमा पर कंपनियां जोखिम की शुरुआत या टिकट कराने के बाद से अधिकतम 90 दिन का अग्रिम प्रीमियम ही ले सकती हैं। इसी तरह, विदेश यात्रा के लिए बीमा किसी भी समय खरीदा जा सकता है, इसके लिए कंपनियां अपनी तरफ से कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं कर सकती हैं। बीमा नियमों में किए गए सभी बदलाव ट्रैवल एजेंसी या पोर्टल के जरिये कराए गए समूह यात्रा बीमा या व्यक्तिगत यात्रा बीमा पर लागू होंगे। इरडा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पोर्टल या एजेंट के जरिये बेचे जाने वाले बीमा उत्पादों पर भी मूल बीमा कंपनी का नाम लिखा होना जरूरी होगा।
ग्राहक की इच्छा का रखना होगा ख्याल
इरडा के अनुसार, बीमा करने वाली कंपनी यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगी कि वह बीमा कराने वाले व्यक्ति को सभी विकल्प उपलब्ध कराए। इसमें यह स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि बीमा कराने वाला व्यक्ति उसे खरीदे या नहीं। इसके अलावा बीमा उत्पाद खरीदे जाने के समय ही बीमा कंपनी का नाम, प्रीमियम की राशि और बीमा का कुल खर्च स्पष्ट रूप से बताना होगा। इस पर लगने वाले टैक्स को भी अलग से दर्शाना जरूरी होगा।
जबरन नहीं बेच सकेंगे बीमा उत्पाद
इरडा ने कहा है कि बीमा कंपनियां इस बात को सुनिश्चित करेंगी कि किसी भी पोर्टल या एप के जरिये यात्रा बीमा को जरूरी नहीं बनाया जाना चाहिए। यानी ग्राहक को प्री-सेलेक्ट या डिफाल्ट ऑप्शन के जरिये जबरन यात्रा बीमा उत्पाद नहीं बेचा जा सकता है। एप या पोर्टल पर ग्राहक के भुगतान से पहले इस बात का भी विकल्प दिया जाना चाहिए कि ग्राहक बिना बीमा खरीदे भी यात्रा से जुड़ी अन्य सुविधाओं का भुगतान कर सके। कंपनी को अपने बीमा उत्पाद के लाभ, नियम व शर्तें आदि भुगतान से पहले ही स्पष्ट रूप से बताना होगा, ताकि ग्राहक को उत्पाद खरीदने में आसानी हो।
पहले से मौजूद बीमारियों के नियम बदले
इरडा ने प्री-एक्जिस्टिंग (पहले से मौजूद) बीमारियों के नियमों में भी बदलाव किया है। इसमें ऐसी बीमारियों या चोट को शामिल किया गया है, जिनका इलाज बीमा उत्पाद खरीदने जाने के 48 महीने के भीतर किसी फिजीशियन से कराया गया हो। यह नियम 1 अक्तूबर 2019 से लागू हो जाएगा और कोई भी कंपनी 1 अक्तूबर 2020 के बाद से पुराने नियमों के आधार पर बीमा उत्पाद की बिक्री या प्रचार नहीं कर सकेगी।