फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   Investor will have to pay tax on dividend received this quarter, how to calculate

निवेशक को चुकाना होगा इस तिमाही मिले लाभांश पर टैक्स, ऐसे करें कैल्कुलेट

Mon, 03 Aug 2020 06:40 AM IST
योगेश साहू कालीचरण, अमर उजाला, नई दिल्ली।
कालीचरण, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Mon, 03 Aug 2020 06:40 AM IST
सार

  • 20 फीसदी टैक्स अधिकतम लगेगा डिविडेंड के रूप में अर्जित कुल आय पर
  • 1 अप्रैल, 2020 से कंपनियों और म्यूचुअल फंड्स से मिलने वाले डिविडेंड पर नया नियम

विज्ञापन
Investor will have to pay tax on dividend received this quarter, how to calculate
टैक्स - फोटो : pixabay

विस्तार

घरेलू कंपनियां पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर रही हैं। जिन कंपनियों को मुनाफा हुआ है, वे अपने निवेशकों को डिविडेंड (लाभांश) के रूप में मुनाफे में हिस्सेदारी देंगी। हालांकि, निवेशकों को अब इस डिविडेंड आय पर टैक्स का भुगतान करना होगा, जो पहले कंपनियां करती थीं।

विज्ञापन


दरअसल, कंपनियों और म्यूचुअल फंड्स की ओर मिलने वाली डिविडेंड आय पर लाभांश वितरण कर (डीडीटी) खत्म कर दिया गया है। 1 अप्रैल, 2020 से प्रभावी नए नियम के मुतिबक, म्युचुअल फंड्स और घरेलू कंपनियों से मिलने वाली डिविडेंड आय पर आम निवेशकों यानी आपको टैक्स देना होगा। आसान शब्दों में कहें तो मिलने वाला डिविडेंड आपकी कुल आमदनी में जुड़ जाएगा, जिस पर स्लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा।
विज्ञापन


10 फीसदी देना पड़ता था टैक्स
आयकर अधिनियम-1961 की धारा 57 में संशोधन के अनुसार डिविडेंड के रूप में अर्जित कुल आय के अधिकतम 20 फीसदी ही टैक्स लगेगा। नए नियम का उद्देश्य कंपनियों और म्यूचुअल फंड्स की ओर दिए गए डिविडेंड पर डीडीटी का भार खत्म कर निवेशकों पर डालना है। इससे पहले 10 लाख रुपये तक की डिविडेंड आय कर टैक्स नहीं लगता था। लेकिन, 10 लाख से ज्यादा डिविडेंड आय 10 फीसदी टैक्स लगता था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे समझें गणित...

  • व्यक्तिगत भारतीय निवेशकों के लिए: सरकार ने आम निवेशकों के लिए सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा डिविडेंड आय पर लगने वाले 10 फीसदी टैक्स खत्म कर दिया है। इसलिए ऐसे निवेशकों के लिए डिविडेंड पर टैक्स की गणना स्लैब के अनुसार होगी।
  • भारतीय कंपनियों के लिए: कॉरपोरेट्स निवेशकों के लिए डिविडेंड आय पर टैक्स की गणना प्रभावी स्लैब के अनुसार होगी, जो 25.17 फीसदी से 34.94 फीसदी के दायरे में है। इसमें सरचार्ज एवं सेस दोनों शामिल हैं।
  • अनिवासी भारतीयों के लिए: वैसे अनिवासी भारतीय जिन्होंने भारतीय शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया है, उन्हें डिविडेंड पर 20 फीसदी टैक्स देना होगा। हालांकि, विदेशी कंपनियों को 5 से 15 फीसदी तक डिविडेंड चुकाना है, जो इस बात पर निर्भर है कि किस देश से भारत के टैक्स समझौते कैसे हैं।

डिविडेंड पर 7.5 फीसदी टीडीएस भी
नए नियम के तहत, अगर डिविडेंड के जरिए 5,000 रुपये की कमाई होती है तो टीडीएस नहीं कटेगा। लेकिन, डिविडेंड आय 5,000 रुपये से ज्यादा होने पर 10 फीसदी की दर से टीडीएस का भुगतान करना होगा।

14 मई, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक के लिए टीडीएस दर घटाकर 7.5 फीसदी कर दी गई हैं। इस दौरान मिले डिविडेंड पर 7.5 फीसदी टीडीएस ही कटेगा। अगर कंपनी के पास आपके पैन की डिटेल नहीं है तो 20 फीसदी टीडीएस कटेगा।



निवेशकों पर कर का दोहरा बोझ पड़ेगा 
इस कदम से निवेशकों पर कर का दोहरा बोझ पड़ेगा। एक तो डिविडेंड पर टीडीएस देना होगा और दूसरा डिविडेंड के उनकी सालाना कमाई में जुड़ने पर स्लैब के अनुसार टैक्स का भी भुगतान करना होगा। हालांकि, टीडीएस पर क्लेम ले सकेंगे। -अतुल गर्ग, कर विशेषज्ञ

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed