निवेश के मंत्र 23: अगर आप अपनी SIP रोकना चाहते हैं तो अपनाएं ये तरीका
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कोरोना वायरस की वजह से कई निवेशक अपने निवेश को लेकर चिंतित हैं। निवेशकों को उनके पैसे डूबने की चिंता लगी रहती है, कोरोना की वजह से शेयर बाजार में उठा-पटक लगी रहती है जिससे निवेशक भय के माहौल में रह रहा है लेकिन निवेश बरकरार रखना भी जरूरी है।
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कोरोना से बने हालात को देखते हुए कई निवेशक निवेश से निकासी कर रहे हैं लेकिन सलाह है कि निवेशक तभी पैसा निकाले जब बहुत ज्यादा जरूरत हो। अगर कोई निवेशक अपनी एसआईपी यानि सिस्टैमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान रोकना चाहता है तो इन आसान तरीकों को अपनाकर रोक सकता है।
SIP रोकना आसान प्रक्रिया है
अगर निवेशक अपने निवेश की एसआईपी को रोकना चाहते हैं तो आसानी से रोक सकते हैं। यह काम निवेशक खुद भी कर सकते हैं और इसके लिए किसी वित्तीय सलाहकार की सलाह या मदद भी ले सकते हैं।
ऑनलाइन तरीके से रोकें एसआईपी
इसके लिए एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म में लॉग-इन कर एसआईपी इंस्ट्रक्शन को चुनें जिसे आप कैंसिल करना या रोकना चाहते हैं। इसके लिए 'कैंसिल/स्टॉप' एसआईरी पर क्लिक करें।
ऑफलाइन तरीके से रोकें एसआईपी
इसके बाद आपको इसे फाइनेंशियल एडवाइजर या एएमसी के ऑफिस या इंवेस्टर सर्विस सेंटर में जमा करना पड़ता है। एक बार आपके एसआईपी रोकने का अनुरोध अंतिम रूप से स्वीकार कर लिया जाता है तो आपको एकनॉलेजमेंट रिसीप्ट मिल जाती है।
एसआईपी रोकने का एक और विकल्प है
अगर किसी कारणवश आपके पास नकदी की किल्लत आ गई है और आप कुछ समय के लिए अपनी एसआईपी रोकना चाहते हैं तो पॉज सएसआईपी विकल्प का फायदा जरूर उठाएं। अलग अलग फंड हाउस में पॉज प्रक्रिया के अलग अलग विकल्प हैं।
निवेश रोकने से पहले इस बात का रखें ध्यान
स्टॉप ऑप्शन का इस्तेमाल करने के बाद भले ही आपकी एसआईपी रुक जाए लेकिन स्कीम में निवेश से जो रकम जुटी है वह बनी रहेगी। फाइनेंशियल प्लानर सुझाव देते हैं कि गिरावट के दौर में निवेश को बनाए रखना चाहिए। स्कीम से पैसा निकालने से पहले अपने लक्ष्यों, स्थितियों और प्रोफाइल को जरूर देख लें।