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फार्मा व हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश करने से मिलेगा बेहतर रिटर्न, 20 सालों में बढ़ेगी मांग
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 16 Jul 2018 11:40 AM IST
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लोगों की बढ़ती आय, स्वास्थ्य को लेकर बढ़ रही जागरूकता, इलाज की तकनीक में सुधार, स्वास्थ्य बीमा को लेकर बढ़ती जागरूकता ने देश में हेल्थकेयर सेक्टर को तेजी से बढ़नेवाले सेक्टर में शामिल कर दिया है। साथ ही सरकार द्वारा हेल्थयेकयर सुविधा देने पर फोकस से भी यह सेक्टर एक चमकता हुआ सेक्टर बन गया है। सरकार ने भी फार्मा विजन 2020 के जरिये भारत को वैश्विक स्तर पर निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प व्यक्त किया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि पश्चिमी देशों की तुलना में भारत में उत्पादन की लागत 40 फीसदी कम है। फार्मा सेक्टर का अर्थ केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि फार्मा, हेल्थकेयर और डाइग्नोस्टिक्स (पीएचडी) से है जो एक वृहत्तर फैला हुआ क्षेत्र है।
बार-बार नहीं आता ऐसा मौका
हेल्थकेयर, फार्मास्युटिकल्स और डाइग्नोस्टिक्स का रुझान इस समय अच्छा लग रहा है। जैसे-जैसे लोगों के रहन सहन का स्तर पर बढ़ रहा है, और लोग उम्रदराज भी होने लगे हैं, वैसे-वैसे हेल्थकेयर का क्षेत्र भी अगले 20-30 सालों में अपने आप में एक बड़ी मांग पैदा करने वाला है। इस थीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पिछले तीन सालों में इसने कमतर प्रदर्शन किया है। अतएव आपके पास ऐसा मौका बार-बार नहीं आता कि आप ऐसे सेक्टर को चुनें जिसने पिछले तीन सालों में कमतर प्रदर्शन किया हो और अगला आनेवाला कुछ साल अपार संभावनाओं से भरा हो। यह आपको प्रवेश करने का एक सुनहरा मौका देता है।
आकर्षक मूल्यांकन
इनका मूल्यांकन भी काफी आकर्षक है। आप जब भी पीएचडी फंड जैसी किसी थीम में खरीदारी करते हैं तो इसका तात्पर्य होता है कि आपने कई शेयरों में खरीदारी की है। और चूंकि आपने एक साथ कई शेयरों में खरीदारी की है, तो इससे आपके एफडीए या इससे मिलती जुलती कंपनी की दूसरी समस्याओं में जकड़ने की संभावनाएं काफी कम हो जाती हैं।
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विविधीकरण वाला सेक्टर
अगर आप अपनी पूंजी में वृद्धि चाहते हैं और किसी सेक्टर का चयन करना चाहते हैं तो आप मूल्यांकन के लिहाज से पीएचडी सेक्टर को चुन सकते हैं। यह सेगमेंट स्थिर व मैच्योर है और इसमें वृद्धि की अच्छी संभावनाएं हैं। पीएचडी सेक्टर पूरी तरह से विविधीकरण वाला है जिसमें फिटनेस, हेल्थकेयर, फूड्स, जिम्स, स्वास्थ्य बीमा, वेलनेस, हॉस्पीटल्स और अन्य का समावेश है। डाइग्नोस्टिक्स का व्यवसाय एक गंभीर सेगमेंट है और इसमें स्वास्थ्य बीमा का भी समावेश है। लोग बेहतर स्वास्थ्य वाली सुविधाओं को पसंद करते हैं और ऐसे में हास्पिटलों की बढ़ती संख्या निवेशकों के लिए एक अवसर प्रदान करती है।
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बार-बार नहीं आता ऐसा मौका
हेल्थकेयर, फार्मास्युटिकल्स और डाइग्नोस्टिक्स का रुझान इस समय अच्छा लग रहा है। जैसे-जैसे लोगों के रहन सहन का स्तर पर बढ़ रहा है, और लोग उम्रदराज भी होने लगे हैं, वैसे-वैसे हेल्थकेयर का क्षेत्र भी अगले 20-30 सालों में अपने आप में एक बड़ी मांग पैदा करने वाला है। इस थीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पिछले तीन सालों में इसने कमतर प्रदर्शन किया है। अतएव आपके पास ऐसा मौका बार-बार नहीं आता कि आप ऐसे सेक्टर को चुनें जिसने पिछले तीन सालों में कमतर प्रदर्शन किया हो और अगला आनेवाला कुछ साल अपार संभावनाओं से भरा हो। यह आपको प्रवेश करने का एक सुनहरा मौका देता है।
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आकर्षक मूल्यांकन
इनका मूल्यांकन भी काफी आकर्षक है। आप जब भी पीएचडी फंड जैसी किसी थीम में खरीदारी करते हैं तो इसका तात्पर्य होता है कि आपने कई शेयरों में खरीदारी की है। और चूंकि आपने एक साथ कई शेयरों में खरीदारी की है, तो इससे आपके एफडीए या इससे मिलती जुलती कंपनी की दूसरी समस्याओं में जकड़ने की संभावनाएं काफी कम हो जाती हैं।
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विविधीकरण वाला सेक्टर
अगर आप अपनी पूंजी में वृद्धि चाहते हैं और किसी सेक्टर का चयन करना चाहते हैं तो आप मूल्यांकन के लिहाज से पीएचडी सेक्टर को चुन सकते हैं। यह सेगमेंट स्थिर व मैच्योर है और इसमें वृद्धि की अच्छी संभावनाएं हैं। पीएचडी सेक्टर पूरी तरह से विविधीकरण वाला है जिसमें फिटनेस, हेल्थकेयर, फूड्स, जिम्स, स्वास्थ्य बीमा, वेलनेस, हॉस्पीटल्स और अन्य का समावेश है। डाइग्नोस्टिक्स का व्यवसाय एक गंभीर सेगमेंट है और इसमें स्वास्थ्य बीमा का भी समावेश है। लोग बेहतर स्वास्थ्य वाली सुविधाओं को पसंद करते हैं और ऐसे में हास्पिटलों की बढ़ती संख्या निवेशकों के लिए एक अवसर प्रदान करती है।
उम्र दराज लोगों पर खर्च
आने वाले वर्षों में भारत की प्रति व्यक्ति आय में अच्छी वृद्धि होगी और इससे खपत में भी बढ़ोत्तरी होगी, जिससे स्वास्थ्य पर खर्च कई गुना बढ़ सकता है। जब लोगों की आय बढ़ती है तो सामान्य तौर पर हेल्थकेयर में फिटनेस, डाइग्नोस्टिक्स और हॉस्पीटल केयर जैसे खर्च भी बढ़ते हैं। भारत बड़ी आबादी वाला देश है, जहां 16 करोड़ उम्रदराज नागरिक हैं और इनके हेल्थकेयर में अच्छा खासा खर्च हो सकता है।
शेयरों में तेजी की उम्मीद
लंबी अवधि में फार्मा एक निरंतर प्रदर्शन वाला सेक्टर है और पिछले तीन सालों में कई मुद्दों की वजह से भारतीय फार्मा कंपनियों के शेयरों की जमकर पिटाई हुई है। लेकिन अब स्थिति बदल रही है और फार्मा कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखी जा रही है। इसी तरह हास्पिटल सेक्टर भी तेजी से बढ़ रहा है और आनेवाले समय में 2025 तक 30 लाख अतिरिक्त बिस्तरों की जरूरत होगी। जिससे प्रति 1,000 व्यक्ति पर तीन बिस्तर का औसत होगा।
बढ़ रहा है मेडिकल टूरिज्म
भारत में मेडिकल टूरिज्म भी एक सेगमेंट है जहां अच्छा खासा खर्च होता है। इसके लिए डाइग्नोस्टिक्स एक और सेगमेंट है जिसमें संगठित क्षेत्र अभी काफी विस्तार कर रहा है। आने वाले वर्षों में ऐसी उम्मीद है कि सिर्फ डाइग्नोस्टिक्स उद्योग ही 380 अरब रुपये का होगा, जिसमें संगठित कंपनियों का हिस्सा 23 फीसदी होगा। यह इस समय 15 फीसदी का है।
पंकज मथपाल, एमडी, ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स
शेयरों में तेजी की उम्मीद
लंबी अवधि में फार्मा एक निरंतर प्रदर्शन वाला सेक्टर है और पिछले तीन सालों में कई मुद्दों की वजह से भारतीय फार्मा कंपनियों के शेयरों की जमकर पिटाई हुई है। लेकिन अब स्थिति बदल रही है और फार्मा कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखी जा रही है। इसी तरह हास्पिटल सेक्टर भी तेजी से बढ़ रहा है और आनेवाले समय में 2025 तक 30 लाख अतिरिक्त बिस्तरों की जरूरत होगी। जिससे प्रति 1,000 व्यक्ति पर तीन बिस्तर का औसत होगा।
बढ़ रहा है मेडिकल टूरिज्म
भारत में मेडिकल टूरिज्म भी एक सेगमेंट है जहां अच्छा खासा खर्च होता है। इसके लिए डाइग्नोस्टिक्स एक और सेगमेंट है जिसमें संगठित क्षेत्र अभी काफी विस्तार कर रहा है। आने वाले वर्षों में ऐसी उम्मीद है कि सिर्फ डाइग्नोस्टिक्स उद्योग ही 380 अरब रुपये का होगा, जिसमें संगठित कंपनियों का हिस्सा 23 फीसदी होगा। यह इस समय 15 फीसदी का है।
पंकज मथपाल, एमडी, ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स