निवेश के मंत्र 25: गोल्ड म्यूचुअल फंड में कैसी हो निवेश की रणनीति?
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- गोल्ड म्यूचुअल फंड में करें निवेश
- टैक्स बचाना है तो गोल्ड ईटीएफ बढ़िया विकल्प
- बाजार के उतार-चढ़ाव में भी अच्छी रिटर्न देता है
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विस्तार
कई लोग म्यूचुअल फंड में निवेश करने से कतराते हैं। आम जनता के बीच यह अवधारणा है कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पैसा डूबता ही है, नुकसान ही होता है। लेकिन अब यह अवधारणा बदल रही है, बाजार में निवेश बढ़ाने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लोगों के पास म्यूचुअल फंड के कई विकल्प हैं जिनमें से गोल्ड म्यूचुअल फंड भी है। निवेश के लिए गोल्ड म्यूचुअल फंड एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है, आइए जानते हैं कि क्या होते हैं गोल्ड म्यूचुअल फंड...
गोल्ड म्यूचुअल फंड क्या होते हैं?
गोल्ड म्यूचुअल फंड ऐसे फंड होते हैं जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर सोने में निवेश करते हैं। इसमें आमतौर पर सोने का उत्पादन और डिस्ट्रीब्यूशन व्यवसाय संघों के स्टॉक में निवेश किया जाता है। फिजिकल गोल्ड और खनन कंपनियों के स्टॉक में भी इन फंड का निवेश होता है।
गोल्ड म्यूचुअल फंड निवेश का बेहतर तरीका है, इसमें आपको फिजिकल गोल्ड खरीदे बिना निवेश का विकल्प मिल जाता है। ये एक तरह से ओपन-एंडेड निवेश है, गोल्ड ईटीएफ की तरफ से उपलब्ध कराई गई यूनिट्स पर आधारित होती हैं।
किसी बड़े आर्थिक घाटे या संकट के समय इस निवेश का इस्तेमाल किया जा सकता है। कई फाइनेंशियल प्लानर निवेशकों को उनके पोर्टफोलियो में 10-20 फीसद हिस्सा गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सलाह देते हैं।
गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश क्यों करें?
गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करने का सबसे बड़ा लक्ष्य अच्छी रकम इकट्ठी करनी होती है। निवेशित अवधि के दौरान अच्छा पैसा बन जाता है और बाजार के गिरने पर भी निवेश के पोर्टफोलियो में संतुलन बना रहता है।
सोने के दामों में उतार-चढ़ावा आता रहता है, इसलिए इन फंड की परफॉर्मेंस अलग अलग रहती है। अगर वैश्विक सोने की कीमत में थोड़े बदलाव से भी फंड की रिटर्न पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है। गोल्ड म्यूचुअल फंड की रिटर्न कभी मौजूदा कीमत से भी ज्यादा हो जाती है।
अगर कोई निवेशक लंबी अवधि यानि कि आठ साल के लिए गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करता है तो जो रिटर्न मिलेगी उसकी गणना उस समय सोने के भाव के आधार पर की जाएगी। अगर निकासी के समय सोने के भाव में तेजी दिख रही है तो निवेशक के पास अच्छा पैसा आ जाता है।
पिछले एक साल में भारतीय गोल्ड फंड्स या म्यूचुअल फंड जो गोल्ड ईटीएफ में निवेश करते हैं उनको 27 फीसद रिटर्न मिला है। यही रिटर्न पिछले तीन साल में 11.93 फीसद और पांच साल में 8.56 फीसद रहा है।
रही बात टैक्स की तो जैसे टैक्स सोने के गहनों पर लगता है वैसे ही गोल्ड म्यूचुअल फंड पर लगता है। निवेश की अवधि पर भी टैक्स की अलग अलग गणना होती है। अगर म्यूचुअल फंड में निवेश और निकासी का समय तीन साल से कम है तो ये छोटी अवधि का निवेश माना जाएगा। ऐसे में टैक्स की गणना राजस्व को निवेशक की सकल आय में जोड़ दिया जाता है।
अगर निवेश की अवधि तीन साल से ज्यादा है तो इसे लंबी अवधि का निवेश कहा जाएगा और ऐसी स्थिति में 20 फीसद टैक्स लगाया जाएगा। किसी निवेशक को गोल्ड म्यूचुअल फंड पर सेस का भी भुगतान करना पड़ सकता है।
गोल्ड म्यूचुअल फंड में किसे निवेश करना चाहिए?
जिन निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन और जोखिम की क्षमता कम रखनी हो तो वो गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इस फंड को सेबी रेगुलेट करती है। अगर टैक्स बचाना है तो गोल्ड फंड में निवेश कर सकते हैं, गोल्ड ईटीएफ में निवेश पर टैक्स छूट मिलती है।
गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश के कई फायदे हैं...
- फिजिकल गोल्ड खरीदने से ज्यादा आसान है गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश
- गोल्ड म्यूचुअल फंड में 500 रुपये की राशि से निवेश कर सकते हैं
- गोल्ड म्यूचुअल फंड में निकासी के लिए कोई न्यूनतम राशि का प्रावधान नहीं है, जरूरत के हिसाब से राशि निकाल सकते हैं
- सेबी के रेगुलटे करने की वजह से गोल्ड म्यूचुअल फंड सुरक्षित रहते हैं
- गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन रहता है
- बाजार में उतार-चढ़ाव आने के बाद भी अच्छी रिटर्न मिलती है