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कर्ज देने के रिकॉर्ड पर तय होगा बीमा प्रीमियम
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव
Updated Tue, 09 Jul 2013 12:04 AM IST
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अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यदि आपने होम लोन, ऑटो लोन या दूसरे कर्ज की ईएमआई समय पर चुकाई है, तो इसका फायदा आपको बीमा खरीदते वक्त कम प्रीमियम चुकाने के रूप में मिल सकता है।
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इसके विपरीत ईएमआई में लापरवाही करने वालों को खामियाजा प्रीमियम में छूट का मौका गंवा कर चुकाना पड़ सकता है।
देश की प्रमुख बीमा कंपनियां प्रीमियम तय करने में ग्राहकों के क्रेडिट रिकार्ड को प्रमुख मानक बनाने की तैयारी में हैं। यानी अगर आप सही समय से कर्ज चुकाते हैं, तो बीमा का प्रीमियम कम देना पड़ेगा। वहीं यदि आपका कर्ज चुकाने में रिकार्ड अच्छा नहीं रहा तो ज्यादा प्रीमियम देना पड़ सकता है।
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कंपनियों की इस कवायद को उपभोक्ता मामलों के जानकार सहीं नहीं मान रहे हैं। उनके अनुसार बीमे के लिए दिया जाने वाला प्रीमियम कोई कर्ज नहीं है, ग्राहक तो बीमा के लिए एडवांस में भुगतान करता है, जिसे देखते हुए इस तरह के कदम की जरूरत नहीं है।
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वहीं इस मामले पर बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के एक्चुअरियल प्रमुख अनुराग रस्तोगी ने अमर उजाला को बताया कि क्रेडिट रिकार्ड ग्राहक के व्यवहार के बारे में कई सारी जानकारियां मुहैया कराता है।
इसका इस्तेमाल हम प्रीमियम तय करने में कर सकते हैं। इसी के मद्देनजर कंपनी क्रेडिट रिकार्ड की जानकारी देने वाली कंपनियों से बातचीत कर रहे हैं।
भारती अक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के एमडी और सीईओ अमरनाथ अनंतनारायण के अनुसार इस कदम के जरिए हम बीमा क्षेत्र में होने वाली धोखाधड़ी पर लगाम लगा सकते हैं।
कई ग्राहक क्लेम लेने में धोखाधड़ी करते हैं। यदि उनका क्रेडिट रिकार्ड पहले से खराब है, तो उनकी इस प्रवृत्ति का अंदाजा शुरू में ही लगाया जा सकता है।
कंपनियों के इस कवायद पर उपभोक्ता मामलों के जानकार बेजॉन मिश्रा के अनुसार बीमा कंपनियों की यह तैयारी सही नहीं है। बीमा में प्रीमियम ग्राहक एडवांस में देता है। ऐसे में डिफॉल्ट का कोई डर नहीं है।
इसके अलावा कई बार क्रेडिट कार्ड के भुगतान आदि के मामलों में ग्राहकों का बेवजह रिकार्ड खराब होता है, जिसे देखते हुए उससे ज्यादा प्रीमियम लेना सहीं नहीं हो सकता है।