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#2017Yearender: आपकी जिंदगी में आए ये बड़े बदलाव, GST ने बनाया एक देश एक टैक्स
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला डिजिटल, नई दिल्ली
Updated Fri, 22 Dec 2017 02:18 PM IST
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2017 का साल एक आम इंसान को पर्सनल फाइनेंस के लिहाज से बहुत सारे ऐसे बड़े बदलाव दे गया, जिसके चलते हर कोई व्यक्ति इसको आगे भी याद रखेगा। अब हम आपको बताने जा रहे हैं वो 5 बड़े बदलाव, जिनको आप चाहकर भी नहीं भूल पाएंगे।
डिजिटल ट्रांजेक्शन को मिला बढ़ावा
इस साल डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अपनी कोशिश जारी रखी और देश भर में लोग डिजिटल तरीकों से लेन-देन करने लगे। इसी दौरान नेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट, भीम ऐप, यूपीआई, पीओएस मशीन का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा होने लगा। केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ने भी ट्रांजेक्शन पर लगने वाले शुल्क में कटौती करने की कोशिश की।
GST से कारोबार पर पड़ा असर
1 जुलाई से लागू हुए जीएसटी ने कारोबारियों के साथ-साथ आम आदमी पर भी अपना असर दिखाया। इसके लागू होने के बाद करीब 26 टैक्स खत्म हो गए। वहीं जो कारोबारी कैश में लेन-देन करते थे, उनको भी इसके अंदर लेकर के आया गया। जीएसटी कहने को तो एक टैक्स है, लेकिन फिलहाल इसमें पांच स्लैब हैं जो कि 0, 5, 12, 18 और 28 फीसदी हैं।
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डिजिटल ट्रांजेक्शन को मिला बढ़ावा
इस साल डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अपनी कोशिश जारी रखी और देश भर में लोग डिजिटल तरीकों से लेन-देन करने लगे। इसी दौरान नेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट, भीम ऐप, यूपीआई, पीओएस मशीन का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा होने लगा। केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ने भी ट्रांजेक्शन पर लगने वाले शुल्क में कटौती करने की कोशिश की।
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GST से कारोबार पर पड़ा असर
1 जुलाई से लागू हुए जीएसटी ने कारोबारियों के साथ-साथ आम आदमी पर भी अपना असर दिखाया। इसके लागू होने के बाद करीब 26 टैक्स खत्म हो गए। वहीं जो कारोबारी कैश में लेन-देन करते थे, उनको भी इसके अंदर लेकर के आया गया। जीएसटी कहने को तो एक टैक्स है, लेकिन फिलहाल इसमें पांच स्लैब हैं जो कि 0, 5, 12, 18 और 28 फीसदी हैं।
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इनकम टैक्स में इस स्लैब के लिए घटा रेट
2017 के बजट में सरकार ने इनकम टैक्स के रेट में बदलाव किया था। इसमें 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक के स्लैब में टैक्स रेट 10 फीसदी से घटाकर के 5 फीसदी कर दिया गया। साथ ही 2.5 लाख से 3.5 लाख रुपये तक आय वालों के लिए छूट में 2.5 हजार रुपये की कटौती कर दी गई थी।
आईटीआर देरी से फाइल करने पर लगने लगेगी पेनाल्टी
अगले साल से लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न देरी से फाइल करने पर 10 हजार तक जुर्माना लगने लगेगा। यह फीस 1 अप्रैल 2018 से लगेगी, हालांकि इसकी घोषणा इस साल के बजट में की गई थी।
स्मॉल सेविंग की घटी जमा दरें
केंद्र सरकार की तरफ से पोस्टल सेविंग करने वालों को झटका दिया गया। सरकार ने इनमें मिलने वाले इंटरेस्ट रेट को घटा दिया, लेकिन फिलहाल इनमें बैंकों के सेविंग और एफडी अकाउंट से ज्यादा इंटरेस्ट मिलता है।
आधार से अकाउंट लिंक करना हुआ जरूरी
इस साल सरकार ने सभी तरह के वित्तीय अकाउंट को आधार से लिंक करना जरूरी कर दिया। इसमें पैन कार्ड, बैंक अकाउंट, मोबाइल सिम, एलपीजी कनेक्शन, म्युचुअल फंड को अगले साल 31 मार्च तक लिंक करना जरूरी है। पहले मोबाइल सिम को छोड़कर के अन्य सभी के लिए 31 दिसंबर तक अंतिम तारीख दी गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ा दिया गया है।
आईटीआर देरी से फाइल करने पर लगने लगेगी पेनाल्टी
अगले साल से लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न देरी से फाइल करने पर 10 हजार तक जुर्माना लगने लगेगा। यह फीस 1 अप्रैल 2018 से लगेगी, हालांकि इसकी घोषणा इस साल के बजट में की गई थी।
स्मॉल सेविंग की घटी जमा दरें
केंद्र सरकार की तरफ से पोस्टल सेविंग करने वालों को झटका दिया गया। सरकार ने इनमें मिलने वाले इंटरेस्ट रेट को घटा दिया, लेकिन फिलहाल इनमें बैंकों के सेविंग और एफडी अकाउंट से ज्यादा इंटरेस्ट मिलता है।
आधार से अकाउंट लिंक करना हुआ जरूरी
इस साल सरकार ने सभी तरह के वित्तीय अकाउंट को आधार से लिंक करना जरूरी कर दिया। इसमें पैन कार्ड, बैंक अकाउंट, मोबाइल सिम, एलपीजी कनेक्शन, म्युचुअल फंड को अगले साल 31 मार्च तक लिंक करना जरूरी है। पहले मोबाइल सिम को छोड़कर के अन्य सभी के लिए 31 दिसंबर तक अंतिम तारीख दी गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ा दिया गया है।