सावधान: कभी ना भूलें ये सात बातें, वरना खाली हो सकता है आपका बैंक खाता
भारत सरकार देश में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दे रही है। साल 2021 तक देश में डिजिटल लेनदेन चार गुना तक बढ़ने की उम्मीद है। सुरक्षित बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने के लिए भारतीय बैंकों ने कई कदम उठाए हैं। बैंक समय-समय पर फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए दिशानिर्देश जारी करते रहते हैं। लेकिन तब भी जालसाज बैंक खातों से पैसों की निकासी कर ही लेते हैं। फ्रॉड से बचने और सुरक्षित बैंकिंग के लिए आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं उनके बारे में।
बैंक के प्रतिनिधि ग्राहकों को कभी फोन नहीं करते हैं और ना ही किसी तरह का ईमेल करते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि बैंक ना तो ऑनलाइन फॉर्म भरवाता है और ना ही फोन पर बैंक खाते से जुड़ी दानकारी मांगता है। इसलिए बैंक खाते की जानकारी मेल, एसएमएस या फोन पर किसी के साथ साझा ना करें।
साइबर अटैक के लिए फिशिंग अटैक सबसे पुराना और आसान तरीका है। फिशिंग अटैक में ई-मेल आईडी को भी हैक किया जाता है। इसके लिए हैकर्स फर्जी और आपके दोस्तों के नाम से मिलते-जुलते ई-मेल भेजते हैं जिसमें वायरस वाले लिंक होते हैं। धोखाधड़ी से बचने के लिए आप किसी फिशिंग ईमेल पर कभी क्लिक न करें और ऑनलाइन भुगतान में हमेशा वन टाइम पासवर्ड (OTP) का विकल्प ही चुनें। इससे धोखाधड़ी की संभावना कम हो सकती है।
साइबर शातिर एक अन्य तरीके से भी लोगों को ठग रहे हैं। वेरिफिकेशन के नाम पर आने वाले कॉल से सावधान रहें। अमूमन खुद को बैंक प्रतिनिधि बनाकर कॉल करने वाले कहते हैं कि उन्होंने वेरिफिकेशन के लिए कॉल किया है।
ग्राहकों को हमेशा अलर्ट रहना चाहिए। इसके लिए अपने बैंक के ईमेल और मैसेज के नोटिफिकेशन को ऑन रखें, ताकि आपको खाते से होने वाले किसी भी तरह के लेनदेन की जानकारी मिल जाए और किसी भी तरह की धोखाधड़ी होने पर आप तत्काल बैंक को इस बात की सूचना दे सकें।
अपने यूपीआई पिन को संभाल कर रखें क्योंकि इससे फ्रॉड हो सकता है। सावधानी के लिए भीम यूपीआई जैसे सुरक्षित एप्लिकेशन पर ही यूपीआई पिन का इस्तेमाल करें। अगर किसी वेबसाइट या फॉर्म में यूपीआई पिन डालने के लिए लिंक दिया गया हो, तो उससे बचें। यूपीआई पिन एटीएम पिन की तरह ही होता है। इसलिए इसे किसी के साथ साझा ना करें। ऐसा करने पर जालसाज उसका गलत इस्तेमाल कर आपको ठग सकते हैं।